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Lenovo India Q3 Results: भारत में तेजी से बढ़ती डिजिटल गतिविधियों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मांग ने टेक कंपनियों के कारोबार को नई रफ्तार दी है। इसी क्रम में Lenovo India ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में 7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करते हुए ₹8,145 करोड़ का राजस्व हासिल किया है। कंपनी के अनुसार यह बढ़त किसी अस्थायी उछाल का परिणाम नहीं, बल्कि बाजार में लगातार बनी मजबूत मांग का संकेत है।
कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट और मैनेजिंग डायरेक्टर Shailendra Katyal ने बताया कि भारत में डिजिटलीकरण की रफ्तार तेज हो रही है, जिसका सीधा लाभ Lenovo को मिल रहा है। कंपनी के पास स्मार्टफोन, पर्सनल कंप्यूटर, टैबलेट और इंफ्रास्ट्रक्चर सॉल्यूशंस का विस्तृत पोर्टफोलियो है, जिससे उसे विभिन्न उपभोक्ता वर्गों और एंटरप्राइज ग्राहकों से मांग मिल रही है।
उन्होंने कहा कि खास तौर पर एआई आधारित तकनीकों को अपनाने में तेजी आई है, जिससे कंपनी के कई बिजनेस सेगमेंट में मजबूती देखने को मिली है।
इस तिमाही में Motorola ब्रांड का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा। मार्केट रिसर्च फर्म International Data Corporation के अनुसार, 2025 की तीसरी तिमाही में Motorola ने भारतीय स्मार्टफोन बाजार में 8.3 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की।
वहीं, कंपनी के पीसी कारोबार और सर्वर तथा इंफ्रास्ट्रक्चर डिविजन ने भी सालाना आधार पर दो अंकों की वृद्धि दर्ज की। एंटरप्राइज सेक्टर में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और क्लाउड आधारित समाधानों की मांग ने इस वृद्धि को बल दिया।
Lenovo के लिए भारत केवल एक बड़ा उपभोक्ता बाजार ही नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण रणनीतिक केंद्र भी बन चुका है। कंपनी के अनुसार, भारत से उसके वैश्विक राजस्व में लगभग 4 प्रतिशत योगदान आता है, जबकि एशिया पैसिफिक क्षेत्र के कुल राजस्व में भारत की हिस्सेदारी 24 प्रतिशत है।
कंपनी का कहना है कि भारत अब मैन्युफैक्चरिंग, रिसर्च एंड डेवलपमेंट, स्किल डेवलपमेंट और एआई टैलेंट तैयार करने का अहम हब बन रहा है। सरकार की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव योजना और एआई स्किलिंग पहलों ने इस इकोसिस्टम को मजबूत किया है।
Lenovo वर्ष 2005 से भारत में उत्पादन कर रही है। फिलहाल कंपनी अपने अधिकांश उत्पाद जैसे Motorola फोन, पीसी, सर्वर और टैबलेट देश में ही तैयार कर रही है। साथ ही भारतीय इकाइयों से फोन और टैबलेट का निर्यात भी किया जा रहा है।
आगे की रणनीति के तहत कंपनी मदरबोर्ड और पीसीबी जैसे कंपोनेंट्स के स्थानीय निर्माण की दिशा में भी कदम बढ़ा रही है। कंपनी का कहना है कि जैसे ही सप्लायर्स स्थानीय स्तर पर क्षमता विकसित करेंगे, वह अधिक से अधिक लोकल सोर्सिंग की ओर बढ़ेगी।
कंपनी के अनुसार भारतीय बाजार में अब एआई को लेकर सिर्फ प्रयोग नहीं हो रहे, बल्कि कंपनियां उससे स्पष्ट व्यावसायिक लाभ की अपेक्षा कर रही हैं। Lenovo हाइब्रिड एआई रणनीति पर काम कर रही है, जिसमें पब्लिक क्लाउड, प्राइवेट इंफ्रास्ट्रक्चर और एआई सक्षम पर्सनल डिवाइस शामिल हैं।
भारत में कंपनी की आरएंडडी टीम वैश्विक स्तर की सर्वर और स्मार्टफोन परियोजनाओं पर काम कर रही है। हाल के वर्षों में कंपनी ने 600 से अधिक पेटेंट फाइल किए हैं। इंजीनियरिंग और एआई भूमिकाओं में पिछले छह वर्षों में कर्मचारियों की संख्या पांच से छह गुना तक बढ़ाई गई है। वर्तमान में भारत में कंपनी के लगभग 3,400 कर्मचारी कार्यरत हैं।
वैश्विक स्तर पर Lenovo Group ने 22.2 अरब डॉलर का रिकॉर्ड राजस्व हासिल किया, जो सालाना आधार पर 18 प्रतिशत अधिक है। हालांकि, कंपनी का शुद्ध लाभ 21 प्रतिशत घटकर 546 मिलियन डॉलर रह गया।
एआई से संबंधित कारोबार में 72 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की गई, जो इस तिमाही में कुल राजस्व का लगभग एक तिहाई रहा।
कंपनी के इंटेलिजेंट डिवाइसेज ग्रुप ने 15.8 अरब डॉलर का राजस्व अर्जित किया, जबकि इंफ्रास्ट्रक्चर सॉल्यूशंस ग्रुप की आय 31 प्रतिशत बढ़कर 5.2 अरब डॉलर रही। सॉल्यूशंस एंड सर्विसेज ग्रुप का राजस्व भी 18 प्रतिशत बढ़कर 2.7 अरब डॉलर तक पहुंच गया।