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दोपहिया वाहन निर्यात में ‘ब्रांड इंडिया’ का दम: बजाज ऑटो की जोरदार वापसी, लैटिन अमेरिका में बढ़ी मांग

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की अस्थिरता दोपहिया वाहन निर्यात के कारोबार का स्वाभाविक हिस्सा है, जो बदलते राजनीतिक, आर्थिक और प्रतिस्पर्धी कारकों से बनती-बिगड़ती है

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अंजलि सिंह   
Last Updated- February 15, 2026 | 9:47 PM IST

अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में देश के दोपहिया वाहन निर्यात की राह में स्पष्ट अंतर देखने को मिला। जहां कुछ विनिर्माताओं ने विदेशी बाजारों में अपनी बिक्री में फिर से वृद्धि दर्ज की, वहीं अन्य अब भी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चित और अस्थिर मांग से जूझ रहे हैं। इससे अधूरे और खास बाजार वाले सुधार का पता चलता है।

उद्योग के विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की अस्थिरता दोपहिया वाहन निर्यात के कारोबार का स्वाभाविक हिस्सा है, जो बदलते राजनीतिक, आर्थिक और प्रतिस्पर्धी कारकों से बनती-बिगड़ती है। अलबत्ता जो बात सबसे अलग है, वह है वैश्विक बाजारों में ‘ब्रांड इंडिया’ का लगातार मजबूत होना।

प्राइमस पार्टनर्स के प्रबंध निदेशक अनुराग सिंह ने कहा, ‘निर्यात से इतर भी भारतीय कंपनियों ने विदेशी संयंत्रों, अंतिम असेंबली परिचालन और वैश्विक साझेदारियों में निवेश किया है, जिससे उनकी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता और विश्वसनीयता मजबूत हुई है। अल्पकालिक उतार-चढ़ावों के बावजूद भारत का दोपहिया वाहन उद्योग धीरे-धीरे किसी कम लागत वाले निर्यातक से उभरते बाजारों के लिए विश्वसनीय परिवहन साझेदार के रूप में विकसित हो रहा है।’

बजाज ऑटो के मामले में निर्यात स्पष्ट रूप से बेहतर उम्मीद के रूप में उभरा। बजाज ऑटो के प्रबंध निदेशक राजीव बजाज ने कहा, ‘निर्यात ने जोरदार वापसी की है और तीसरी तिमाही में यह 2,00,000 प्रति माह का स्तर पार कर चुका है, जो हम लगभग तीन वर्षों में पहली बार देख रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि यह सुधार ‘पूरे लैटिन अमेरिका में है, जहां कोलंबिया और ब्राजील विशेष रूप से अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि अफ्रीका में स्थिति मिलीजुली है। 

बजाज ने कहा कि निर्यात का योदगान कुल बिक्री में लगभग 40 प्रतिशत है और कंपनी ‘इस साल डॉलर के लिहाज से अब तक का सबसे अधिक निर्यात राजस्व पैदा करने की राह पर है’ और 9 महीने का प्रदर्शन निरंतर रफ्तार दिखा रहा है। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सायम) के आंकड़ों के अनुसार बजाज के निर्यात में सालाना आधार पर 15.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई और चालू वित्त वर्ष के पहले 9 महीने में यह बढ़कर 14.2 लाख वाहन हो गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 12.3 लाख था।

इसके विपरीत हीरो मोटोकॉर्प ने वृद्धि दर्ज करने के बावजूद अधिक सतर्क रुख अपनाया। हीरो मोटोकॉर्प के मुख्य वित्तीय अ​धिकारी निरंजन गुप्ता ने कहा, ‘हमारे वै​श्विक कारोबार की बिक्री में इस तिमाही के दौरान सालाना आधार पर 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई। लेकिन निर्यात अब भी हमारे समूचे कारोबार का अपेक्षाकृत छोटा हिस्सा है।’

सायम के आंकड़ों के अनुसार हीरो मोटोकॉर्प ने वित्त वर्ष 26 की अप्रैल से दिसंबर अव​धि के दौरान निर्यात में सालाना आधार पर 48.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की और यह एक साल पहले के 1,87,686 की तुलना में बढ़कर 2,78,180 वाहन हो गया।

टीवीएस मोटर कंपनी का प्रबंधन विदेशी बाजार को लेकर लगातार सतर्क है। टीवीएस मौटर कंपनी के प्रबंध निदेशक सुदर्शन वेणु ने कहा, ‘अफ्रीका में लगातार अस्थिरता बनी हुई है और कई निर्यात बाजारों में मांग सीमित दिख रही है।’ सायम के आंकड़ों के अनुसा टीवीएस मोटर ने वित्त वर्ष 26 की अप्रैल से दिसंबर की अवधि के दौरान अपने निर्यात में सालाना आधार पर 34.7 प्रतिशत की वृद्धि देखी और यह पिछले साल के 7,77,622 के मुकाबले बढ़कर 10.5 वाहन लाख हो गया।

First Published : February 15, 2026 | 9:47 PM IST