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गैर-प्रमुख संपत्तियां बेचेगी इमामी

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Last Updated- December 15, 2022 | 3:09 AM IST

कर्ज घटाने की मुहिम के तहत इमामी के प्रवर्तक जमीन और गैर-प्रमुख परिसंपत्तियां बेचने पर विचार कर सकते हैं। सीमेंट कारोबार बेचे जाने के बाद इमामी के प्रवर्तकों के गिरवी शेयर 90 फीसदी से घटकर 55 फीसदी से नीचे आ गए। इमामी की तरफ से स्टॉक एक्सचेंजों को भेजे गए शेयरधारिता पैटर्न के मुताबिक, 14 अगस्त को प्रवर्तकों की 54.26 फीसदी हिस्सेदारी गिरवी थी। शेयरों के बदले इमामी की उधारी करीब 1,130 करोड़ रुपये की है।
प्रवर्तकों को उम्मीद है कि गिरवी शेयर जल्द ही घटकर 50 फीसदी के स्तर पर आ जाएगा। उसे मार्च तक घटाकर इस स्तर पर लाने का लक्ष्य है। आय की घोषणा के बाद विश्लेषकों के साथ बातचीत में इमामी समूह के निदेशक मोहन गोयनका ने गिरवी शेयर और उधारी में कमी के मामले में कहा, हम मार्च के आखिर तक उससे निजात पाने की कोशिश करेंगे, जब हमारी जमीनों में किसी का या अन्य परिसंपत्तियों का सौदा हो जाएगा। तब आप गिरवी शेयरों में कमी देखेंगे। पिछले महीने इमामी समूह ने इमामी सीमेंट की 100 फीसदी हिस्सेदारी का विनिवेश नूवोको कॉरपोरेशन को 5,500 करोड़ रुपये में पूरा कर दिया। अब चूंकि कर्ज से संबंधी ज्यादातर चिंता दूर हो गई है, लिहाजा विश्लेषकों को उम्मीद है कि प्रवर्तक मुख्य कारोबार पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
कोविड-19 के दौर में स्वास्थ्य व स्वच्छता से जोर दिए जाने को देखते हुए इमामी झंडु और बोरोप्लस पर ध्यान केंद्रित करेगी, जो इस क्षेत्र में उसके दो अहम ब्रांड हैं। पिछले तीन से चार महीने में झंडु ब्रांड ने 27 से 30 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की है। इमामी की योजना इस रफ्तार का मुद्रीकरण करने की है और झंडु के तहत करीब 20-30 नई पेशकश की तैयारी हो रही है। जून तिमाही के नतीजे के बाद निवेशकों के सामने अपनी बात रखते हुए कंपनी ने कहा था कि तिमाही में स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी रेंज में 23 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई, लेकिन जून में उसमें 59 फीसदी की उछाल आई। बोरोप्लस रेंज में पहली तिमाही में 28 फीसदी की बढ़त दर्ज हुई जबकि जून में 92 फीसदी।
प्रवर्तकों के स्तर पर कर्जमुक्त होने की कवायद, लागत नियंत्रण के बीच स्वास्थ्य सेवा रेंज में बढ़ोतरी ने स्टॉक की दोबारा रेटिंग में मदद की है। राजस्व में गिरावट के बावजूद लाभ बरकरार रख बाजार को चौंकाने के बाद इमामी का शेयर 44 फीसदी चढ़ा है और यह शेयर 238 रुपये के मुकाबले मंगलवार को 342.50 रुपये पर बंद हुआ।
लागत घटाने के लिए इमामी ने एटी केयर्ने को नियुक्त किया था, जिसने तिमाही में मार्जिन बढ़ोतरी में मदद की। सकल मार्जिन 230 आधार अंक बढ़कर 66.5 फीसदी पर पहुंच गया जबकि एबिटा मार्जिन 490 आधार अंकों की उछाल के साथ 25.5 फीसदी रहा। साल के लिए लागत कटौती का लक्ष्य 50-60 करोड़ रुपये का है।

एलऐंडटी हाइड्रोकार्बन इंजीनियरिंग का एनटीपीसी संग करार
लार्सन ऐंड टुब्रो (एलऐंडटी) की पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई एलऐंडटी हाइड्रोकार्बन इंजीनियरिंग (एलटीएचई) ने बुधवार को कहा है कि उसने एनटीपीसी के विद्युत स्टेशन पर कार्बन डाईऑक्साइड से मेथनॉल प्रदर्शन संयंत्र के निर्माण के लिए इंजीनियरिंग, खरीद एवं निर्माण (ईपीसी) प्रबंधन साझेदारी के लिए एनटीपीसी के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। कंपनी ने कहा है कि इस संयंत्र में तीन उप-इकाइयां होंगी जिनमें फ्ल्यू गैस से कार्बन डाईऑक्साइड, जल के इलेक्ट्रोलाइसिस से हाइड्रोजन का उत्पादन और हाइड्रोजन से मेथनॉल शामिल हैं। इस एमओयू के तहत एलटीएचई और एनटीपीसी कार्बन डाइऑक्साइड से मेथनॉल संयंत्र के विकास एवं वाणिज्यिकरण को साथ मिलकर आगे बढ़ाएंगी। बीएस

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First Published - August 21, 2020 | 12:08 AM IST

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