facebookmetapixel
Advertisement
LPG संकट का समाधान: अब केरोसिन बनेगा विकल्प, सरकार ने 60 दिनों के लिए नियमों में दी बड़ी ढीललघु बचत दरों पर सीतारमण का बड़ा बयान: महंगा कर्ज मंजूर, पर बचतकर्ताओं का नुकसान नहीं होना चाहिएVeg-Non veg Thali: घर का खाना हुआ सस्ता, मार्च में शाकाहारी और मांसाहारी थालियों के घटे दामपर्सनल लोन से बेहतर है गोल्ड लोन? बना इमरजेंसी में सबसे भरोसेमंद विकल्प, जानें क्यों बढ़ रहा है ट्रेंडFlexi Cap Funds पर निवेशक लट्टू, FY26 में झोंके ₹79,159 करोड़; AUM 22% बढ़ाइनकम टैक्स के नए नियम लागू: अब 24Q और 26Q की छुट्टी, फॉर्म 138 और 140 से TDS भरना होगा आसान!Equity, Debt or Hybrid: ग्लोबल उथल-पुथल में म्युचुअल फंड निवेशक कैसे करें निवेश? कहां-कितना लगाएं पैसाधुरंधर 2 की अगुवाई में फिल्मों से धुआंधार कमाई, लेकिन ‘ऐड’ में गिरावट, मीडिया सेक्टर में क्या चल रहा है?Agrochemical Sector: खेतों में बंपर बुवाई, फिर भी एग्रोकेमिकल सेक्टर पर क्यों छाए संकट के बादल?Post Office Scheme: सिर्फ 10,000 महीना जमा कर 5 साल में बनाएं लाखों का फंड, जानें पूरा कैलकुलेशन

गो फर्स्ट के पट्टे पर दिए गए विमानों में लगी जंग और काई, दुबई एरोस्पेस ने जताई चिंता

Advertisement

फिलहाल पट्टादाताओं को गो फर्स्ट के ठप पड़े विमानों का कभी-कभार निरीक्षण करने की ही इजाजत है।

Last Updated- September 14, 2023 | 10:42 PM IST
History became Go First! NCLT ordered liquidation of the airline इतिहास बन गई Go First! NCLT ने एयरलाइन के लिक्विडेशन का ऑर्डर दिया

दुबई एरोस्पेस एंटरप्राइज (डीएई) कैपिटल ने अदालत को बताया है कि दिवालिया विमानन कंपनी गो फर्स्ट को पट्टे पर दिए गए एक विमान के कुछ हिस्सों पर जंग लगने और काई जैसा कुछ जमने का पता चला है। इससे पहले एक अन्य पट्टादाता ने पुर्जे गायब होने की शिकायत की थी।

मई में भारतीय विमानन कंपनी को दिवालिया संरक्षण दिए जाने के बाद विदेशी पट्टादाता कंपनियां अपने विमानों को वापस लेने के लिए कानूनी लड़ाई कर रही हैं। विमानन कंपनी की परिसंपत्ति प्रतिबंधित कर दी गई थी, जिससे ठप पड़े 50 से अधिक एयरबस विमानों को पाने का रास्ता अवरुद्ध हो गया।

फिलहाल पट्टादाताओं को गो फर्स्ट के ठप पड़े विमानों का कभी-कभार निरीक्षण करने की ही इजाजत है। इन विमानों के संबंध में ही डीएई जैसी पट्टादाताओं ने दावा किया है कि उनका रखरखाव ठीक से नहीं किया जा रहा है। 6 सितंबर को दाखिल एक आवेदन में यह सुनिश्चित करने की मांग की गई थी कि विमानन कंपनी रखरखाव कर रही है।

इसमें डीएई ने दिल्ली उच्च न्यायालय को कुछ तस्वीरें पेश की थी, जिनमें विमान के हिस्सों में जंग लगा हुआ दिखाया गया है। कंपनी का कहना है कि विमान खराब होता रहेगा, जिसके परिणामस्वरूप उसके मूल्य में काफी गिरावट आ जाएगी।
गो फर्स्ट ने टिप्पणी के अनुरोध का जवाब नहीं दिया।

इस महीने की शुरुआत में पट्टादाता एसीजी एयरक्राफ्ट लीजिंग ने एक अदालत से अनुरोध किया था कि वह विमानन कंपनी को पट्टे पर दिए गए विमानों से गायब हुए पुर्जों को बदलने का निर्देश दे और उसे जमीन पर खड़े विमानों की सुरक्षा के लिए चौबीसों घंटे सुरक्षा नियुक्त करने की अनुमति दे।

Advertisement
First Published - September 14, 2023 | 10:42 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement