facebookmetapixel
Advertisement
ब्रिक्स के भविष्य को लेकर सदस्य देशों में अलग-अलग राय, भारत का जोर समावेशी विकास पर तो चीन का तकनीक परRBI के निर्देश के बाद टाटा संस ला सकती है भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO, तैयारी शुरू‘तकनीक और दुर्लभ खनिजों को हथियार बनाना तरक्की के लिए बन सकता है बाधा’, बिक्स में PM ने जताई चिंतास्थानीय मुद्रा में व्यापार का 16 साल पुराना सपना अब भी अधूरा, नई दिल्ली घोषणा पत्र में नहीं मिली जगहएयरटेल और जियो ने VI पर लगाया गंभीर आरोप, कहा: नियम तोड़कर ग्राहक छीन रही है कंपनीHDFC बैंक के MD व CEO पद के लिए आंतरिक व बाहरी उम्मीदवार में सीधी टक्कर, RBI को भेजे गए दो नामक्लोजिंग ऑक्शन सेशन पर कारोबारियों ने सुझाव देना शुरू किया, VWAP और ट्रेडिंग टाइम पर अलग राय मिलीभारत-ईयू FTA से भारतीय कार कंपनियों के सामने सुनहरा मौका; मारुति, टाटा व महिंद्रा के लिए खुलेंगे दरवाजेEditorial: नई दिल्ली घोषणापत्र भारत की बड़ी कूटनीति कामयाबी, चीन से रिश्तों में भी नई उम्मीदGST सपाट, फिर भी GDP ग्रोथ 7.8%? भारत के आर्थिक आंकड़ों पर क्यों उठे सवाल

डिक्सन टेक्नोलॉजिज का शेयर 20 फीसदी टूटा

Advertisement
Last Updated- January 28, 2023 | 12:09 AM IST

डिक्सन टेक्नोलॉजिज का शेयर शुक्रवार को कारोबारी सत्र में करीब 22 फीसदी टूटकर 52 हफ्ते के निचले स्तर 2,673.05 रुपये पर आ गया, जब कंपनी ने दिसंबर तिमाही के निराशाजनक नतीजे पेश किए। अंत में यह शेयर 19.19 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ।

कंपनी का राजस्व इस अवधि में सालाना आधार पर 22 फीसदी की गिरावट के साथ 2,405 करोड़ रुपये रह गया क्योंकि मोबाइल, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और लाइटिंग कारोबार में सुस्ती रही। इन क्षेत्रों का राजस्व पिछले साल के मुकाबले 39 फीसदी फिसल गया।

मोबाइल सेगमेंट में बिक्री में सुस्ती मोटोरोला की कमजोर निर्यात बिक्री और त्योहारी सीजन में कमजोर मांग रही। एलईडी टीवी की कम बिक्री कीमत मिलने से उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक सेगमेंट का राजस्व घट गया।

यह भी पढ़ें: चीन में निवेश बढ़ा रहे निवेशक

शेयर पर नकारात्मक प्रतिक्रिया की एक और वजह प्रबंधन की तरफ से अनुमान में की गई कटौती है। प्रबंधन ने वित्त वर्ष 23 की बिक्री का अनुमान 14-15 हजार करोड़ रुपये से घटाकर 12,200-12,700 करोड़ रुपये कर दिया। वित्त वर्ष 23 के लिए बिक्री अनुमान शुरुआत में 17-18 हजार करोड़ रुपये था। एमके ग्लोबल फाइनैंशियल सर्विसेज के विश्लेषकों का मानना है कि कुछ प्रमुख क्षेत्रों में नरमी ब्रांड की कुल बढ़त पर चोट पहुंचा रहा है।

Advertisement
First Published - January 28, 2023 | 12:09 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement