भारतीय एयरलाइन स्पाइसजेट के दो और विमानों का पंजीकरण रद्द किया जाएगा। शनिवार को डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ सिविल एविएशन (DGCA) ने आयरिश लीजिंग फर्म होराइजन एविएशन के अनुरोध पर स्पाइसजेट के दो बी737 विमानों का पंजीकरण रद्द करने का फैसला लिया है। सितंबर तक पंजीकरण रद्द होने की संभावना है।
बीते एक महीने में होराइज़न एयरक्राफ्ट तीसरी लीजिंग फर्म है, जिसने स्पाइसजेट को लीज पर दिए गए बी 737 विमानों का पंजीकरण रद्द करने की मांग की है।
आमतौर पर पंजीकरण रद्द करने का अनुरोध एक लीजर तब दायर किया जाता है जब भुगतान के लिए लीजर और लीज लेने वाली कंपनी के बीच बातचीत विफल हो जाती है।
इसके पहले 4 अगस्त को दुबई एयरोस्पेस एंटरप्राइज के अनुरोध पर DGCA ने एयरलाइन के तीन B737 विमानों का पंजीकरण रद्द किया था। उसके बाद 5 अगस्त को अल्टेरना एयरक्राफ्ट द्वारा भेजे गए IDERA के बाद, एक और स्पाइसजेट B737 का पंजीकरण रद्द कर दिया गया।
हालांकि इस मामले पर स्पाइसजेट ने बिजनेस स्टैंडर्ड को कोई भी प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया।
एयरलाइन के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अजय सिंह ने 24 अगस्त को कहा कि एयरलाइन 2,000 करोड़ रुपये तक जुटाने के लिए अन्य एयरलाइनों को हिस्सेदारी बेचने सहित कई विकल्प तलाश कर रही है।
सिंह ने यह भी कहा कि एयरलाइन 2022 के अंत तक अपने बेड़े में सात नए बोइंग 737 मैक्स विमानों को शामिल करेगी। फिलहाल स्पाइसजेट कमर्शियल उड़ानें चलाने के लिए 60 विमानों का संचालन कर रही है।
बता दें, स्पाइसजेट को वित्त वर्ष 2019 में 316 करोड़ रुपये, वित्त वर्ष 2020 में 934 करोड़ रुपये और 2021 में 998 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है।
2021 में अप्रैल-दिसंबर तक, एयरलाइन ने कुल 1,267 करोड़ रुपये के घाटा दर्ज किया था। हालांकि एयरलाइन ने जनवरी-मार्च 2022 में हुए घाटे की घोषणा अभी तक नहीं की है।