सरकार के हस्तेक्षप के बाद क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म ने अपने उपभोक्ता ऐप से ’10 मिनट में डिलिवरी’ का वादा करने वाली बात हटानी शुरू कर दी है, लेकिन डिलिवरी कर्मियों का दावा है कि जमीन पर कोई बदलाव नहीं हुआ है। स्थिति जस की तस बनी हुई है। इस संबंध में कंपनियों की ओर से अभी कोई दिशानिर्देश जारी नहीं किए गए हैं।
कई प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले डिलिवरी पार्टनर ने बिजनेस स्टैंडर्ड से बातचीत में इसकी पुष्टि की और कहा कि उन्हें कंपनियों की ओर से कोई औपचारिक आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। डिलिवरी समय-सीमा, प्रोत्साहन संरचनाएं और राइडर-फेसिंग ऐप में किसी तरह का परिवर्तन नहीं किया गया है।
स्विगी इंस्टामार्ट के साथ काम करने वाले नोएडा निवासी डिलिवरी कर्मी राकेश ने कहा, ‘मैंने खबरों में देखा कि 10 मिनट की डिलिवरी सेवा समाप्त हो रही है, लेकिन कंपनी ने इसके बारे में कुछ भी नहीं कहा है। ऑर्डर हमेशा की तरह आ रहे हैं और डिलिवरी समय-सीमा में अभी तक कोई बदलाव नहीं किया गया है।’ इसी तरह जेप्टो के लिए किराने का सामान और कैफे ऑर्डर संभालने वाले डिलिवरी कर्मचारी ने कहा कि कंपनी ने अपने राइडर ऐप पर डिलिवरी शेड्यूल के बारे में कोई बदलाव नहीं आया है।
इस चिंता व्यक्त करते हुए कर्नाटक ऐप-आधारित वर्कर्स यूनियन ने कहा कि 10 मिनट में डिलिवरी वाले नियम को खत्म करना सकारात्मक पहल है, लेकिन इसका अभी जमीन पर कोई असर नहीं दिख रहा है।
यूनियन ने एक बयान में कहा, ‘अब हमें इसे वास्तविक बनाने की आवश्यकता है। हर जगह से 10 मिनट की सेवा पर प्रतिबंध लागू होना चाहिए। जब तक ऐप इस पर अमल नहीं करते, उन पर मानकों को पूरा करने का दबाव डाला जाएगा। ब्लिंकइट ऐप ने सार्वजनिक रूप से 10 मिनट की डिलिवरी सेवा समाप्त करने की घोषणा कर दी है लेकिन वह भी 10 मिनट से कम समय की डिलिवरी दिखा रहा है।’
ब्लिंकइट की तरह ही स्विगी इंस्टामार्ट और जेप्टो सहित कई क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म ने गिग श्रमिकों से संबंधित सुरक्षा चिंताओं पर सरकारी हस्तक्षेप के बाद अपने मोबाइल ऐप से ’10 मिनट में डिलिवरी’ का दावा हटा दिया है। स्विगी अब खुद को ‘किराने का सामान डिलिवरी ऐप’ बताता है, जबकि जेप्टो ने अपने ऐप विवरण को ’10 मिनट में डिलिवरी’ से बदलकर ‘मिनटों में डिलिवरी’ कर दिया है।
ब्लिंकइट पहला ऐसा ऐप था, जिसने अपनी मुख्य टैगलाइन को ’10 मिनट में 10,000+ उत्पाद डिलीवर किए गए’ से बदलकर ‘आपके दरवाजे पर 30,000+ उत्पाद डिलीवर किए गए’ कर दिया है। बाद में अन्य क्यूकॉम कंपनियों ने भी इसी तरह का बदलाव किया। शीर्ष तीन प्लेटफॉर्म के अलावा बिगबास्केट और फ्लिपकार्ट मिनट्स ने भी अपनी ब्रांडिंग में गति-संचालित संदेश हटा दिए हैं।
डिलिवरी समय-सीमा और गिग श्रमिकों पर दबाव से संबंधित चिंताओं को दूर करने के लिए केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने पिछले सप्ताह ब्लिंकइट, जोमैटो, स्विगी इंस्टामार्ट और जेप्टो सहित कई क्यूकॉम प्लेटफॉर्म के प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी। हालांकि, श्रम मंत्रालय ने ब्रांडिंग या विज्ञापन में बदलाव अनिवार्य करने वाला कोई औपचारिक लिखित निर्देश या अधिसूचना जारी नहीं किया है लेकिन इन कंपनियों ने अपनी समय से जुड़ी टैग लाइन में बदलाव लाना शुरू कर दिया।