दासरी रॉयल एनफील्ड छोडऩे के बाद स्वास्थ्य क्षेत्र में उतरेंगे

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 1:48 AM IST

रॉयल एनफील्ड के मुख्य कार्याधिकारी के रूप में दो साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद विनोद के दासरी ने सस्ती स्वास्थ्य सेवा और कौशल विकास के अपने शौक पर काम करने के लिए पद से इस्तीफा देने की घोषणा की है। हालांकि इस बारे में सार्वजनिक रूप से ज्यादा चर्चा नहीं हुई है कि उनका भविष्य का शौक क्या है? केवल मीडिया को बताया गया था कि यह ‘गैर-लाभकारी’ उद्यम होगा। दासरी ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘यह अभी शुरुआती दौर में है। मैं बहुत से वर्षों तक कारोबारी अगुआ रहने के बाद समाज को कुछ लौटाना चाहता हूं। मेरी योजना अपनी पत्नी सरिता द्वारा स्थापित स्वास्थ्य उद्यम पर आगे बढऩे की है, जो खुद एक डॉक्टर हैं।’ वह रॉयल एनफील्ड से जुडऩे से पहले एक अन्य प्रमुख वाहन विनिर्माता कंपनी अशोक लीलैंड में वर्ष 2011 से प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी थेे। 

दासरी ने 4 अगस्त को चेन्नई के नुंगमबक्कम में उनके परिवार के स्वामित्व वाले 40 बेड के मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल विजय गंगा स्पेशियलिटी केयर लिमिटेड (वीजीएससी) का उद्घाटन किया था। दासरी ने कहा कि यह अस्पताल अगले 15 दिन के भीतर चालू हो जाएगा। 
उन्होंने कहा, ‘इसकी सफलता के आधार पर हम आगे और अस्पताल खोलने का फैसला लेंगे। हमने इस अस्पताल पर करीब 75 करोड़ रुपये का निवेश किया है। हमने इस नए उद्यम पर जितना निवेश किया है, वह कंपनी जगत में एक मामूली राशि हो सकती है।’ वीएसजीसी की स्थापना डॉ. सरिता ने वर्ष 2009 में की थी और इसे वर्ष 2013 में मायलापुर में एक छोटे क्लिनिक के रूप में शुरू किया गया था। नया अस्पताल व्यापक सेवाएं मुहैया कराएगा, जिनमें रोकथाम एवं स्वास्थ्य, वेस्क्यूलर सेवाएं, नेफ्रोलॉजी सेवाएं, यूरोलॉजी सेवाएं, सामान्य स्पेशियलिटी, अस्पताल देखभाल, जांच और उपचार सेवाएं शामिल हैं। 

उन्होंने कहा, ‘भारत में हर पांच में से एक व्यक्ति मधुमेह से पीडि़त है। हर तीन में से एक को उच्च-रक्तचाप की समस्या है और मेरी पत्नी इस क्षेत्र में विशेषज्ञ हैं। ऐसे में हमने सोचा है कि हम कुछ मिलकर बनाने के लिए कैसे उनके और मेरे कौशल का लाभ ले सकते हैं।’ डॉ. सरिता हुबली स्थित कर्नाटक मेडिकल कॉलेज से स्नातक हैं और उन्होंने अमेरिका के ओहायो के आल्टमैन हॉस्पिटल से इंटरनल मेडिसन में विशेषज्ञता और क्लीवलैंड क्लिनिक फाउंडेशन (सीसीएफ) से नेफ्रोलॉजी में अति विशेषज्ञता हासिल की है। 
यह दंपती वीजीएससी की डायलिसिस टेक्नोलॉजिस्ट प्रशिक्षण अकादमी का भी विस्तार करने की योजना बना रहा है, जिसे ट्रेन4लाइफ के नाम से भी जाता है ताकि छात्रों, नर्सिंग अटेंडेंट और मौजूदा डायलिसिस टेक्नोलॉजिस्टों के कौशल को विकसित किया जा सके। उन्होंने कहा, ‘लोगों को प्रशिक्षण और उनका करियर बनाने में मदद क्यों नहीं दी जानी चाहिए। यह उपक्रम का हिस्सा होगा। हम उन सभी कौशलों पर विचार करेंगे, जिनकी इस खंड में जरूरत होती है।’ जब उनसे गैर-लाभकारी मॉडल के बारे में पूछा गया तो दासरी ने कहा कि जो लोग इलाज का खर्च नहीं उठा सकते, उनका खर्च एक न्यास उठाएगा। दासरी का मानना है कि वह अपने बेटे संजय दासरी के कृषि कारोबार उद्यम वेकूल फूड्स की सफलता को समाज को कुछ लौटाने के अपने फैसले के पीछे की एक वजह मानते हैं। चेन्नई की वेकूल फूड्स तेजी से बढ़ रही कृषि-वाणिज्य कंपनियों में से एक है, जो खाद्य विकास एवं वितरण पर केंद्रित है। कंपनी का राजस्व चालू वित्त वर्ष में 1,000 करोड़ रुपये पर पहुंचने के आसार हैं। जब दासरी से कॉरपोरेट दुनिया छोडऩे के फैसले के बारे में पूछा गया तो उन्होंने किसी दार्शनिक की तरह जवाब दिया। उन्होंने कहा, ‘मेरा जुनून या उपहार निवेशक उद्यम खड़े करना है। जीवन का अर्थ आपका उपहार ढूंढना है और जीवन का उद्देश्य इसे लौटाना है। मैं इसे कैसे लौटा सकता हूं। मैं इसे किसी एनजीओ को नहीं दे सकता। इसका बेहतर तरीका यह है कि ऐसा कुछ शुरू किया जाए, जो बढ़ता रहे ताकि रोजगार सहित समाज को कुछ लौटाया जा सके।’ रॉयल एनफील्ड में दासरी की जगह सीईओ बी गोविंदराजन लेंगे, जो कंपनी में मुख्य परिचालन अधिकारी हैं।

First Published : August 18, 2021 | 12:19 AM IST