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कंपनियां हो रही हैं विकलांग कर्मचारियों पर मेहरबान

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Last Updated- December 08, 2022 | 9:07 AM IST

इस सप्ताह एमफेसिस कंपनी को ‘श्रेष्ठ नियोक्ता’ की श्रेणी में एमपावरमेंट ऑफ परसंस विद डिसेबिलिटीज के राष्ट्रीय पुरस्कार और नेशनल सेंटर फॉर प्रमोशन ऑफ इम्पलॉयमेंट फॉर डिफरेंटली एबल्ड पीपुल (एनसीपीईडीपी)-शेल हेलेन केलर अवार्ड 2008 के लिए चुना गया।


ये पुरस्कार एक विशेष कार्यस्थल के निर्माण और सभी को समान अवसर मुहैया कराने की एमफेसिस की प्रतिबद्धता का परिणाम हैं।

ये पुरस्कार एमफेसिस के कार्यस्थल पर कंपनी को प्रदान किए गए जहां उसके कुल कर्मचारियों में से 1.57 फीसदी लोग विशिष्ट श्रेणी में रखे जाने वाले लोग (विकलांग) की श्रेणी के तहत काम करते हैं।

इसके 327 कर्मचारियों में इंजीनियर, ट्रेनर, चार्टर्ड अकाउंटेंट, प्रशासन से जुड़े लोग, कॉल सेंटर एजेंट शामिल हैं।

एमफेसिस के मुख्य कार्याधिकारी जेया कुमार कहते हैं, ‘एक समावेशी कार्य स्थल का निर्माण हमारे कॉर्पोरेट मिशन का हिस्सा है। हमें उम्मीद है कि हम अपनी परियोजनाओं के साथ ऐसे और लोगों को प्रशिक्षित कर उन्हें अपने नेटवर्क में शामिल करेंगे।’

इन्फोसिस बीपीओ ऐसे 240 कर्मचारी हैं। यह संख्या कंपनी के कुल कर्मचारियों की संख्या का 5 फीसदी है। इनमें से कुछ फ्लोर्स पर काम करते हैं वहीं कुछ अन्य बिजनेस-आधारित कार्यों में लगे हुए हैं।

इस साल विकलांग कर्मचारी विजय कृष्णामणि को भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण मंत्रालय की ओर से श्रेष्ठ विकलांग कर्मचारी का खिताब दिया गया था।

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First Published - December 15, 2008 | 10:36 PM IST

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