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कोका कोला का निवेश जारी रहेगा

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Last Updated- December 15, 2022 | 3:46 AM IST

प्रमुख बेवरेज निर्माता कोका-कोला ने मंगलवार को कहा कि कोविड-19 संबंधित समस्याओं के बावजूद उसकी निवेश योजनाएं बरकरार हैं। कोविड-19 महामारी की वजह से अप्रैल-जून की अवधि में कंपनी का व्यवसाय प्रभावित हुआ था।
भारत में लॉकडाउन से अप्रैल-जून की अवधि में शीतल पेय के लिए वैश्विक दिग्गज की समेकित बिक्री 12 प्रतिशत तक घट गई और एशिया-प्रशांत क्षेत्र में बिक्री में 18 प्रतिशत की भारी बिक्री गिरावट दर्ज की गई थी।
कोका-कोला इंडिया एवं साउथ वेस्ट एशिया के लिए अध्यक्ष एवं मुख्य कार्याधिकारी टी कृष्णकुमार ने कहा कि कंपनी ने 2017 में घोषित निवेश का 50 प्रतिशत इस्तेमाल किया है। वहीं 2012 में घोषित 35,000 करोड़ रुपये का निवेश इस साल पूरा हो जाएगा।
कंपनी ने 1.7 अरब डॉलर का निवेश फार्म-टु-फॉर्क तंत्र खड़ा करने और अपने जूस व्यवसाय के लिए स्थानीय फलों की तेज आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित किया है जबकि 5 अरब डॉलर का निवेश रिटेल इन्फ्रास्ट्रक्चर, बोटलिंग संयंत्र और नए उत्पादों की पेशकश आदि के लिए तय किया गया है।
कंपनी ने मंगलवार को घोषणा की कि वह अपने नॉन-कार्बोनेटेड ड्रिंक्स पोर्टफोलियो को मजबूत बनाने के प्रयास में अपने 13 वर्ष पुराने जूस ब्रांड ‘मिनट मेड’ के तहत दो नए उत्पाद पेश करेगी।
जहां फिजी ड्रिंक्स कोका-कोला के भारतीय परिचालन के लिए महत्वपूर्ण बना हुआ है, वहीं विश्लेषकों का मानना है कि देश में उसका एक-तिहाई व्यवसाय अब गैर-फिजी ड्रिंक्स से आता है, क्योंकि उपभोक्ता अब स्वास्थ्य के प्रति तेजी से सजग हो रहे हैं।
कष्ण कुमार ने स्वीकार किया कि कंपनी अपने नॉन-कार्बोनेटेड बेवरेज पोर्टफोलियो के तहत नई पेशकशों की रफ्तार बढ़ा रही है, जिसमें जूस, डेरी और हाइड्रेशन से संंबंधित उत्पाद शामिल हैं, क्योंकि कोविड-19 महामारी के बाद लोगों के लिए स्वास्थ्य मुख्य प्राथमिकता बन गई है। उन्होंने कहा कि दो नए उत्पाद वीटा पंच और न्यूट्री फोर्स उनके मिनट मेड ब्रांड के तहत पेश किाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह सेगमेंट आने वाले महीनों में मजबूत होगा।
इसके अलावा, कंपनी अपना ध्यान घर में होने वाली खपत पर भी केंद्रित कर रही है, क्योंकि आउट-ऑफ होम यानी घर से बाहर खपत स्थानीय तौर पर लॉकडाउन और लोगों में संक्रमण फैलने के डर से सीमित बनी हुई है।
हालांकि देश में कोका-कोला का बेवरेज व्यवसाय ग्रामीण इलाकों बिक्री बढऩे से पिछले कुछ सप्ताहों में सुधरा है, लेकिन कृष्ण कुमार का कहना है कि हालात पूरी तरह सामान्य होने में अभी कुछ तिमाहियों का वक्त लग सकता है।
मार्च में कोका-कोला ने कहा था कि उसने भारतीय ब्रांड माजा को वैश्विक तौर पर बेचने की योजना बनाई है, क्योंकि वह स्थानीय ट्रेडमार्क को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना चाहती है। कंपनी ने यह भी कहा था कि भारत उसकी बिक्री के लिहाज से उसका पांचवां सबसे बड़ा बाजार बन गया है। कंपनी पांच साल में अपनी बिक्री दोगुनी करने की संभावना तलाश रही है।

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First Published - August 4, 2020 | 11:36 PM IST

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