छत्तीसगढ़ सरकार दवा कंपनी सिप्ला के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के विकल्प पर विचार कर रही है। कंपनी राज्य सरकार के कांट्रैक्ट के मुताबिक कोविड-19 की दवा की आपूर्ति नहीं कर रही है। इसकी वजह से सरकार को इस दवा की भारी किल्लत के कारण अन्य दवा कंपनी से दोगुने से ज्यादा दाम पर दवा खरीदनी पड़ रही है।
छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के मुताबिक भारत की दवा दिग्गज कंपनी ने रेमडेसिविर इंजेक्शन की आपूर्ति के लिए 3 अप्रैल को समझौता किया था, जिसके मुताबिक प्रति खुराक 594 रुपये व 12 प्रतिशत जीएसटी के मुताबिक उसे आपूर्ति करनी है। सिप्ला कंपनी राज्य सरकार के साथ हुए समझौते के मुताबिक दवा की आपूर्ति नहीं कर रही है, ऐसे में सरकार को माइलन लैबोरेटरीज के साथ प्रति खुराक 1400 रुपये और 12 प्रतिशत जीएसटी की दर पर दवा खरीदनी पड़ रही है। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा, ‘हम सिप्ला के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर विचार कर रहे हैं। हम कानून विभाग से बात कर रहे हैं कि हम कि तरह के कानूनी कदम उठा सकते हैं और वे किस सीमा तक कॉन्ट्रैक्ट से मुकर सकते हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि अन्य राज्य भी इसी तरह के संकट से जूझ रहे होंगे और वे भी कानूनी कार्रवाई की संभावना तलाश रहे होंगे।’
दवा की गंभीर कमी का सामना कर रहे छत्तीसगढ़ ने शुक्रवार की रात माइलन को 90,000 इंजेक्शन के ळिए 14.11 करोड़ रुपये का ऑर्डर दिया था। ऑर्डर के मुताबिक 2000 इंजेक्शन की आपूर्ति 2 दिन के भीतर करनी है और एक सप्ताह के भीतर 28,000 खुराक की आपूर्ति करनी है, जिससे एक सप्ताह में 30,000 इंजेक्शन मिल जाएंगे।
सिप्ला कंपनी के साथ 5000 इंजेक्शन के लिए 3 अप्रैल को समझौता हुआ था, जो 3 मई तक कंपनी को देना था। इसमें राज्य की जरूरत के मुताबिक आपूर्ति बढ़ाए जाने का भी प्रावधान था, जिसकी आपूर्ति कंपनी को पहले से तय भाव पर करनी है। सिंहदेव ने कहा, ‘उन्होंने अब तक 4,500 खुराक की आपूर्ति की है और आपूर्ति बढ़ाए जाने को लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, जबकि मांग लगातार बढ़ रही है। इस समझौते में इसका प्रावधान है। हमने बहुत ज्यादा दाम पर माइलन से दवा खरीदने के लिए समझौता किया है।’ उन्होंने कहा कि कान्ट्रैक्ट दरों का संकेतक था, न कि मात्रा का।
रेमडेसिविर उन दवाओं में से एक है, जिसका इस्तेमाल अस्पताल में भर्ती सार्स सीओवी-2 वायरस के वयस्क मरीजों के उपचार में हो रहा है। अप्रैल से कोविड के मामले बढऩे के साथ रेमडेसिविर की कमी होने लगी। पिछले सप्ताह इस दवा के सभी बड़े उत्पादकों ने इसकी कीमत मेंं कटौती की है, जिसमें सबसे कम दाम पर कैडिला 899 रुपये प्रति इंजेक्शन के भाव यह दवा बेच रही है, जबकि पहले उसकी कीमत 2,400 रुपये प्रति खुराक थी। सिप्ला ने कीमत 4,000 रुपये प्रति खुराक से घटाकर 3,000 रुपये प्रति खुराक कर दी है।