अंबुजा के बोलीदाताओं को झटका

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 7:10 PM IST

अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा दरों में बढ़ोतरी किए जाने से अंबुजा सीमेंट्स के बोलीदाताओं की चुनौतियां बढ़ गई हैं क्योंकि उनके ऋण की लागत बढऩे जा रही है। बैंकरों का कहना है कि इस अधिग्रहण के लिए विदेशी बाजार से जुटाई जाने वाली ऋण की लागत सालाना 13 फीसदी तक बढ़ जाएगी।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा नीतिगत दरों में अचानक बढ़ोतरी किए जाने के तुरंत बाद अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने पिछले सप्ताह अपनी दरों में 0.5 फीसदी का इजाफा किया। इससे अंबुजा सीमेंट्स के संभावित अधिग्रहणकर्ता के लिए ऋण की लागत बढ़ जाएगी। अंबुजा सीमेंट्स के अधिकतर बोलीदाता पश्चिम एशिया के फंड एवं निजी इक्विटी/ हेज फंड से रकम जुटाने की योजना बना रहे हैं। कुछ निजी इक्विटी फंड इस अधिग्रहण के लिए बनाई गई विशेष उद्देशीय कंपनी (एसपीवी) में हिस्सेदारी भी ले सकते हैं।
एक बैंकर ने कहा, ‘सभी बोलीदाता अपने वित्त पोषण ढांचे और अंबुजा सीमेंट्स एवं उसकी सहायक कंपनियों की संभावित लाभप्रदता पर नए सिरे से गौर कर रहे हैं।’ अदाणी, जेएसडब्ल्यू समूह और अल्ट्राटेक ने गैर-बाध्यकारी बोली लगाई है और इस संबंध में घोषणा 15 मई से पहले की जा सकत है। बैंकर ने कहा कि गैर-बाध्यकारी बोलियां जमा कराई जा चुकी हैं और ऐसे में होल्सिम विजेता बोलीदाता से विशेष बातचीत शुरू कर सकती है ताकि सौदे को जल्द से जल्द पूरा किया जा सके।
इस अधिग्रहण की लागत करीब 10 अरब डॉलर यानी करीब 76,000 करोड़ रुपये है जिसमें अंबुजा सीमेंट्स और एसीसी दोनों के शेयरधारकों की खुली पेशकश भी शामिल हैं। इसके लिए बोलीदाता ऋण के जरिये 8 ये 8.5 अरब डॉलर तक जुटा सकते हैं जबकि शेष निवेश इक्विटी के तौर पर किया जा सकेगा। चूंकि भारतीय बैंक शेयरों के अधिग्रहण में निवेश नहीं कर सकते हैं, इसलिए बोलीदाता विदेशी बैंकों से रकम जुटाने की संभावनाएं तलाश रहे हैं। एक बैंकर ने कहा, ‘35,000 से 45,000 करोड़ रुपये के ऋण के लिए दर में 0.5 फीसदी की वृद्धि भी काफी अधिक है। ऐसे में बोलीदाता को अतिरिक्त रकम की व्यवस्था करनी पड़ेगी अथवा इक्विटी में अधिक निवेश करना पड़ेगा।’
बैंकरों ने कहा कि वित्त पोषण जरूरतें भी बढ़ सकती हैं क्योंकि म्युचुअल फंडों और भारतीय जीवन बीमा निगम जैसे कई संस्थागत निवेशक खुली पेशकश के जरये बाहर होने की योजना बना रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सलाहकार प्रबल बनर्जी ने कहा, ‘अमेरिकी फेडरल रिजर्व और भारतीय रिजर्व बैंक ने पिछले सप्ताह नीतिगत दरों में 0.5 फीसदी की वृद्धि की है। इससे अंबुजा सीमेंट्स के बोलीदाताओं के लिए वित्त पोषण की वास्तविक लागत काफी बढ़ जाएगी क्योंकि वे अधिकांश रकम ऋण के जरिये जुटाने की योजना बना रहे हैं।’
खुली पेशकश सहित अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया अगले साल मार्च तक पूरी होने की उम्मीद है।

First Published : May 8, 2022 | 11:22 PM IST