रिटेल दुनिया के बादशाह किशोर बियाणी अब उन बड़ी एफएमसीजी कंपनियों के साथ बैठकर चैन की बंसी बजाने को तैयार हो गए हैं, जिनके साथ पिछले कुछ अरसे से वह दो-दो हाथ करते नजर आ रहे थे।
लेकिन बियाणी में यह बदलाव तब आया है, जब नेस्ले जैसी बहुराष्ट्रीय एफएमसीजी कंपनियों के मुकाबले उनके समूह के निजी ब्रांड बेहतर बिक्री आंकड़े पेश करने लगे हैं।
फ्यूचर समूह की रिटेल शृंखला फूड बाजार और पैंटालून के संस्थापक बियाणी ने हिन्दुस्तान यूनिलीवर, रेकिट बेंकिसर और दूसरी रोजाना इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं (एफएमसीजी) की निर्माता कंपनियों के मुकाबले में अपने कुछ उपभोक्ता उत्पाद बाजार में उतारे थे।
बियाणी का कहना है कि उनकी रिटेल में पेश किए गए उत्पाद श्रेणियों में पहले स्थान को पाने में कोई दिलचस्पी नहीं है। एक किताब ‘इट हैपेंड इन इंडिया’ के लेखक और फ्यूचर समूह के संस्थापक बियाणी का कहना है, ‘हम हर श्रेणी में दूसरे पायदान पर काबिज ब्रांड बनना चाहते हैं। हम किसी राष्ट्रीय ब्रांड की जगह नहीं ले सकते।’
रिटेल के नियम-कानून बनाने वाले रिटेलर बियाणी ने बहुराष्ट्रीय कंपनियों समेत आपूर्तिकर्ताओं को मार्जिन सुधारने के लिए चेतावनी दी थी।
इस महीने की शुरुआत में बियाणी ने प्रतिद्वंद्वी रिटेल कंपनियों को एकजुट होकर यूनिलीवर, ब्रिटानिया और दूसरी एफएमसीजी कंपनियों से अधिक मार्जिन हासिल करने की मुहिम छेड़ी थी।
बियाणी के फ्यूचर समूह ने पिछले कुछ समय में कैडबरी कंपनी के माल को अपने सभी रिटेल स्टोरों से हटा लिया था, क्योंकि कैडबरी दुनिया भर के रिटेलरों के मुकाबले भारत मूल के आधुनिक रिटेलरों को बढ़िया सौदे नहीं मुहैया कराती थी।
बियाणी ने खुद कई खाद्य, कॉस्मेटिक्स, कंज्यूमर डयूरेबल्स, अपैरल और इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद पेश किए हैं, जिनकी बिक्री उन आपूर्तिकर्ताओं के मुकाबले काफी बढ़ गई है।समूह को 2012 तक अपने निजी ब्रांडों से 10,000 करोड़ रुपये बिक्री कर पाने की उम्मीद है।
बावजूद इसके बियाणी यह साफ तौर पर जानते हैं कि उनके ब्रांड किस लिए हैं और एक रिटेलर होने के नाते वे कभी आपूर्तिकर्ताओं से आगे नहीं निकल सकते।
उनका कहना है, ‘हमारा इरादा ग्राहकों को विकल्प मुहैया कराने का है और यह ग्राहक को तय करना है कि उसे क्या खरीदना है और हम किसी भी कीमत पर ऐसा नहीं करना चाहते।’
वे आगे कहते हैं, ‘एक आधुनिक रिटेलर होने के नाते मैं कहूंगा कि हमें हमारा बकाया मिलना चाहिए। हम सहयोगी बनना चाहते हैं और कई बार हमारी आवाज उनके कानों तक पहुंचनी चाहिए।’
अभी एफएमसीजी उत्पादों की बिक्री से फ्यूचर स्टोरों को 15 से 40 प्रतिशत कारोबार मिलता है। अगले कुछ महीनों में समूह की योजना और एफएमसीजी उत्पादों को खासतौर पर पर्सनल केयर और खाद्य क्षेत्र में पेश करने की है।