देश की सबसे बड़ी ऑटो कल-पुर्जे बनाने वाली कंपनी भारत फोर्ज ने कार निर्माताओं की ओर से मांग में कमी को देखते हुए अपने उत्पादन में कटौती करने का फैसला लिया है।
इसके साथ ही कंपनी की योजना अधिक विकास करने वाले क्षेत्रों जैसे कि बुनियादी ढांचा, विद्युत आदि क्षेत्रों में अपने कारोबार को फैलाने की भी है ताकि वह ऑटो कारोबार में फैले मंदी के असर से खुद को बचा सके।
उत्पादन में ज्यादातर कटौती विदेशी बाजारों में की जाने की उम्मीद है। इसमें कंपनी सबसे ज्यादा कमाई होने वाले बाजार यूरोप में भी कटौती करेगी।
भारत फोर्ज के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक बाबा कल्याणी ने बिजनेस स्टैंडर्ड को दिए एक साक्षात्कार में कहा, ‘हमें मांग के साथ उत्पादन का मेल बिठाना होगा और इसके लिए जहां जरूरत होगी वहां हम उत्पादन में कटौती करेंगे।
यूरोपीय क्षेत्र में पिछले कुछ महीनों में वाहन उत्पादन में 15 से 25 प्रतिशत की कटौती देखी गई है और हमारे उत्पादन में कटौती भी उसी के अनुसार होगी।’
भारत फोर्ज के जर्मनी में तीन संयंत्र हैं और स्वीडन, स्कॉटलैंड और अमेरिका में एक-एक। इसके साथ ही उसके चीन मंख दो संयंत्र भी हैं।
यूरोपीय ऑटोमोबाइल निर्माता संघ के मुताबिक यूरोपीय संघ में नवंबर में नई कारों की मांग लगभग 26 प्रतिशत गिरावट के साथ 9 लाख वाहन रह गई है।