वाहन कंपनियों पर मंदी की जो मार पड़ रही है, उससे बचने के लिए उन्होंने नया हथियार आजमाना शुरू कर दिया है।
तमाम कंपनियां अब नए मॉडल बाजार में उतार रही हैं, ताकि ग्राहकों के बीच नया जोश आ सके और उनका बाजार भी सुधर सके।
उन्हें यह उम्मीद भी है कि नए मॉडलों को देखने शोरूम में पहुंचे लोग पुराने मॉडलों पर भी नजर दौड़ाएंगे। यही वजह है कि कार लॉन्च जोर पकड़ रहा है। मारुति सुजुकी ने नवंबर में ‘ए-स्टार’ उतारी थी और हुंडई मोटर इंडिया ने साल बीतते-बीतते ‘आई 20’ पेश कर दी।
हुंडई ने इसी महीने सोनाटा ट्रांसफॉर्म भी उतारी है, जबकि महिंद्रा ऐंड महिंद्रा ‘जाइलो’ लेकर आई है। महिंद्रा ऐंड महिंद्रा के ऑटोमोटिव कारोबार के अध्यक्ष पवन गोयनका कहते हैं, ‘इस बात में कोई दोराय नहीं है कि बाजार की हालत इस वक्त काफी खराब है।
ऐसे में नई कारों को लॉन्च करके हम बाजार में जान फूंकना चाह रहे हैं। हम उन्हें फाइनैंस के बेहतर विकल्प भी दे रहे हैं। हमें लगता है कि अगर लोग हमारी नई कार ‘ााइलो’ को देखने शोरूम तक आएंगे, तो उनकी नजर हमारी दूसरी कारों पर भी जाएगी।’
इस बात से हुंडई के प्रवक्ता भी इत्तेफाक रखते हैं। उनका कहना है कि, ‘नई कारों के आने से बाजार में उत्साह आता है। हमारी दोनों नई कारों ‘सोनाटा ट्रांसफॉर्म’ और ‘आई-20′ से लोगों में नई कारों के लिए दिलचस्पी पैदा होगी।’
अलबत्ता वह यह जरूर कहते हैं कि मंदी न होने पर भी कारों का लॉन्च जारी रहता क्योंकि इसकी योजना एक-दो साल पहले ही बन जाती है। मारुति के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी यही कहा।
उन्होंने कहा कि मंदी का लॉन्च से कोई लेनादेना नहीं है। उन्होंने कहा, ‘मंदी की वजह से हमारी कार लॉन्च की योजनाओं में कोई बदलाव नहीं हुआ है। हम अब भी विस्तार की योजना के मुताबिक काम कर रहे हैं। हमें इस बात का पूरा भरोसा है कि बाजार की हालत जल्द सुधेरगी।’