अपोलो हॉस्पिटल्स का शुद्ध लाभ 42 फीसदी बढ़ा

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 8:21 AM IST

अपोलो हॉस्पिटल्स का शुद्ध लाभ 31 दिसंबर 2020 को समाप्त तिमाही में 42 फीसदी बढ़कर 130 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले की समान तिमाही में कंपनी ने 92 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था। तिमाही के दौरान कंपानी का राजस्व करीब 5 फीसदी घटकर 2,760 करोड़ रुपये रह गया जो एक साल पहले की समान तिमाही में 2,911 करोड़ रुपये रहा था।
एकल आधार पर कंपनी के स्वास्थ्य सेवा कारोबार का राजस्व 4 फीसदी घटकर 1,240.7 करोड़ रुपये रह गया जो एक साल पहले की समान तिमाही में 1,296.9 करोड़ रुपये रहा था। तिमाही के दौरान कंपनी के मौजूदा अस्पतालों से प्राप्त राजस्व में करीब 8 फीसदी की गिरावट आई जबकि नए अस्पतालों में 7 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।
तिमाही के दौरान स्वास्थ्य सेवा कारोबार का एबिटा करीब 11 फीसदी घटकर 158.6 करोड़ रुपये रह गई जो एक साल पहले की समान अवधि में 178.4 करोड़ रुपये रही थी।
एनसीएलटी की मंजूरी के बाद फ्रंट-एंड फार्मेसी कारोबार को अलग करने की योजना 1 सितंबर 2020 से प्रभावी हुई। एएचईएल बैक-एंड फार्मा वितरण को बरकरार रखेगी। कारोबार को अलग किए जाने के कारण दिसंबर 2020 तिमाही के आंकड़े को इससे पिछले साल की समान अवधि से तुलना नहीं की जा सकती है।
अपोलो हेल्थ ऐंड लाइफस्टाइल लिमिटेड (एएचएलएल) का समेकित राजस्व तीसरी तिमाही के दौरान बढ़कर 197.3 करोड़ रुपये हो गया जो एक साल पहले की समान अवधि में 185.4 करोड़ रुपये रहा था। इस कारोबार का एबिटा 5.7 करोड़ रुपये से बढ़कर 11.2 करोड़ रुपये हो गई।

फ्यूचर की बैठक के लिए याचिका
फ्यूचर समूह ने राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) के मुंबई पीठ में एक याचिका दायर की है, जिसमें समूह ने रिलायंस समूह में अपने विलय की योजना पर शेयरधारकों की बैठक आयोजित करने की मंजूरी मांगी है।
यह याचिका कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 230-232 के तहत दायर की गई है। दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी एमेजॉन दखल देना चाहती है और उसने फ्यूचर समूह की तरफ से दायर आवेदन पर आपत्ति जताई है क्योंकि इस दिग्गज खुदरा कंपनी द्वारा रिलायंस समूह की कंपनियों के साथ किए गए सौदे से संबंधित मामले दिल्ली उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में लंबित हैं। इसके अलावा रिलायंस समूह की कंपनियों ने भी एनसीएलटी में याचिका दायर की है, जिसमें उन्होंने फ्यूचर समूह के साथ अपने सौदे पर आगे बढऩे की मंजूरी मांगी है।
अगस्त, 2020 में फ्यूचर समूह ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ 3.4 अरब डॉलर का परिसंपत्ति बिक्री सौदा किया था। बीएस

First Published : February 12, 2021 | 11:42 PM IST