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…और सत्यम की साख पर धब्बा

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Last Updated- December 08, 2022 | 11:00 AM IST

आईटी क्षेत्र की अग्रणी कंपनी सत्यम कंप्यूटर्स के दिन अच्छे नहीं चल रहे हैं। मायटॉस सौदे की वजह से देश में कंपनी की साख पर तो बट्टा लगा ही, अब विदेशों में भी साख को करारा झटका लगा है।


प्रमुख कंपनी सत्यम के अध्यक्ष रामलिंग राजू के इस्तीफे से जुड़ी और विश्व बैंक द्वारा कंपनी को आठ साल के प्रतिबंधित करने के बारे में आई खबरों के बीच बंबई स्टॉक एक्सचेंज में कंपनी के शेयर 14 फीसदी लुढ़क गए। बीएसई में कारोबार के अंत में सत्यम 13.55 फीसदी गिरकर 140.40 रुपये पर बंद हुआ।

राजू के इस्तीफे के बारे आई खबरों के बारे में पूछने पर कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि यह खबर पूरी तरह से अटकलों पर आधारित है और अटकलों पर टिप्पणी नहीं करेंगे।

जबकि विश्व बैंक द्वारा उठाए गए कदम के बारे में कहा कि हम ग्राहक विशेष पर टिप्पणी नहीं करते। इस बीच, विप्रो की ओर से सत्यम के अधिग्रहण की भी खबर आई, जिसे दोनों कंपनियों ने अफवाह बताया।

उल्लेखनीय है कि वर्ल्ड बैंक ने सत्यम की सेवाएं लेने से मना कर दिया है। वर्ल्ड बैंक के मुताबिक, सत्यम कंप्यूटर्स को संस्थान के अधिकारियों को अनुचित लाभ देने और संबंधित कागजात उपलब्ध नहीं कराने का दोषी पाया गया है। ऐसे में कंपनी 8 साल तक वर्ल्ड बैंक को अपनी सेवाएं मुहैया नहीं करा सकेगी।

सत्यम कंप्यूटर्स वर्ल्ड बैंक को वर्ष 2003 से अपनी सेवाएं मुहैया करा रही है। हालांकि वर्ष 2007 में ही बैंक को इस बात का पता चला कि सत्यम की ओर से वर्ल्ड बैंक के अधिकारियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया है, साथ ही बिलिंग में पर्याप्त दस्तावेजो की कमी पाई गई।

विश्व बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्वीकार किया कि सत्यम पर पिछले साल फरवरी में प्रतिबंध लगाया गया और यह सितंबर से शुरू हो चुका है।

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First Published - December 23, 2008 | 11:41 PM IST

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