अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीएनई) को 2 गीगावाट क्षमता वाली सोलर सेल एवं मॉड्यूल विनिर्माण करने की केंद्र सरकार से अनुमति मिल गई है। कंपनी को अगले पांच वर्षों के दौरान 8 गीगावॉट सोलर पावर संयंत्र का निर्माण करने की भी मंजूरी सरकार ने दे दी है। अक्षय ऊर्जा खंड में काम करने वाली अदाणी समूह की इस कंपनी ने मंगलवार को इस बात की जानकारी दी। इन दोनों परियोजनाओं पर अदाणी समूह 45,000 करोड़ रुपये निवेश करेगा। समूह ऐसे समय में इतनी बड़ी रकम लगाएगा, जब लगभग सभी क्षेत्रों में कंपनियां खर्च में कटौती कर रही हैं। इस समय देश में अदाणी ग्रीन 2.5 गीगावॉट क्षमता वाली परियोजना का परिचालन कर रही है और 3.5 गीगावॉट सौर एवं पवन ऊर्जा क्षमता विकसित कर रही है। कंपनी का 1.3 गीगावॉट क्षमता वाला सोलर सेल ऐंड मॉड्यूल विनिर्माण संयंत्र भी है। अदाणी समूह के गौतम अदाणी ने कहा, ‘अक्षय ऊर्जा भविष्य में दुनिया की सबसे स्वच्छ एवं किफायती ईंधन बन जाएगी। इस बदलाव के चरण में अदाणी समूह अग्रणी भूमिका निभाना चाहती है।’
हालांकि हाल में ही रेटिंग एजेंसी मूडीज इन्वेस्टर सर्विसेज ने सात विनिर्माण कंपनियों के साथ ही अदाणी ग्रीन एनर्जी की रेटिंग भी घटा दी थी। अदाणी ने यह परियोजना पिछले वर्ष नवंबर में हासिल की थी, जब केंद्र ने बिजली परियोजना से जुड़े सौर विनिर्माण के लिए निविदा जारी की थी। सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एसईसीआई) ने 2 गीगावॉट सौर ऊर्जा क्षमता और 6 गीगावॉट संलग्न सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए बोलियां आमंत्रित की थी। करीब 2 वर्षों की देरी के बाद नवंबर 2019 में सौर ऊर्जा परियोजना को बोलियां मिली थी। अदाणी ग्रीन ने 1 गीगावॉट सौर उत्पादन और 4 गीगावॉट बिजली परियोजना के लिए बोलियां सौंपी थी। एज्यूर पावर ने भी 0.5 गीगावॉट सौर उत्पादन एवं 2 गीगावॉट सौर ऊर्जा संयंत्र के लिए बोली लगाई थी। सूत्रों ने कहा कि अदाणी और एज्यूर दोनों ने ही 2.9 रुपये प्रति यूनिट की पेशकश की थी। एसईसीआई के अधिकारियों ने इस पूरे मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
अदाणी ग्रीन ने एक सार्वजनिक बयान में कहा, ‘इस परियोजना के ठेके के तहत अदाणी ग्रीन 8 गीगावॉट क्षमता वाली सौर परियोजनाओं का निर्माण करेगी। इसमें यह शर्त भी रहेगी कि अदाणी सोलर 2 गीगावॉट क्षमता वाली अतिरिक्त सोलर सेल ऐंड मॉड्यूल विनिर्माण क्षमता भी विकसित करेगी। यह अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में दुनिया में सबसे बड़ी परियोजना है, जिसके तहत 6 अरब डॉलर का निवेश किया जाएगा। इससे 4 लाख प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रोजगार सृजित होंगे।’