वैश्विक रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड ऐंड पुअर्स (एसऐंडपी) ने आज अदाणी इलेक्ट्रिसिटी मुंबई लिमिटेड (एईएमएल) की रेटिंग ‘निगेटिव’ से सुधारकर ‘स्थिर’ कर दी। इस रेटिंग में बदलाव उसकी पैतृक अदाणी ट्रांसमिशन लिमिटेड (एटीएल) की ऋण गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद को देखते हुए किया गया है।
महत्वपूर्ण निवेशक इंटरनैशनल होल्डिंग कंपनी (आईएचसी) से एटीएल में से प्रस्तावित पूंजी से कर्ज की स्थिति में सुधार आएगा और एटीएल समूह (जिसमें एटीएल और उसकी सभी सहायक इकाइयां शामिल हैं) की ऋण गुणवत्ता में सुधार लाने में भी मदद मिलेगी। अबू धाबी शाही परिवार की निवेश इकाई आईएचसी निर्गम के बाद 1.41 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी के लिए एटीएल में 3,850 करोड़ रुपये का निवेश करने की संभावना तलाशेगी। इक्विटी उगाही की ज्यादा संभावना है। रेटिंग एजेंसी को यह सौदा मई 2022 में पूरा हो जाने और इसमें किसी तरह का विलंब नहीं होने की संभावना है, क्योंकि यह पात्र संस्थागत नियोजन के तौर पर पूरा होगा। एसऐंडपी ने अदाणी ट्रांसमिशन लिमिटेड और एईएमएल पर ‘बीबीबी-‘ क्रेडिट रेटिंग की भी पुष्टि की है। एईएमएल पर मजबूत नजरिये से इसका पता चलता है कि वित्तीय मानकों में वित्त वर्ष 2023 और 2024 के दौरान सुधार आएगा। यह विद्युत मांग में सुधार, मजबूत संग्रह, और नियामकीय ‘ट्रू-अप’ प्रणाली के तहत कम राजस्व की समय पर वसूली पर आधारित होगा। इससे इस संबंध में भी हमारी उम्मीदों का पता चलता है कि समेकित एटीएल समूह की ऋण गुणवत्ता मजबूत हो सकती है।
रेटिंग एजेंसी ने कहा है कि समय पर दरों में बदलाव और विद्युत बिक्री में लगातार सुधार से अगले तीन वर्षों के दौरान एईएमएल की वित्तीय स्थिति में मदद मिलेगी, क्योंकि अगले दो वित्त वर्षों के दौरान उसका परिचालन नकदी प्रवाह (ओसीएफ) ऋण अनुपात सुधरकर 9-12.5 प्रतिशत पर पहुंच जाएगा।