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देश में अगले साल मार्च तक 200 विमानों को परिचालन से बाहर करने की आशंका से हवाई यात्री यातायात पर न्यूनतम प्रभाव पड़ेगा। क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ‘केयरएज’ की रिपोर्ट में यह बात कही गई। रिपोर्ट में कहा गया कि चालू वित्त वर्ष में हवाई यात्री यातायात लगभग 37.5 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है, जो महामारी से पहले के स्तर का 1.09 गुना है।
शोध और सलाहकार फर्म सीएपीए इंडिया ने पिछले महीने के अंत में कहा था कि भारतीय एयरलाइंस के बेड़े में गंभीर बाधा बनी हुई है और आपूर्ति श्रृंखला तथा रखरखाव से जुड़े मुद्दों के कारण वित्त वर्ष 2023-24 के अंत तक करीब 200 विमान परिचालन से बाहर हो सकते हैं।
केयरएज रेटिंग्स के निदेशक मौलेश देसाई ने कहा कि मार्च, 2024 तक लगभग 200 विमानों को खड़ा किए जाने की आशंका के बावजूद यातायात पर इसका 3-4 प्रतिशत असर होने का अनुमान है।
उन्होंने कहा कि पट्टों के विस्तार और यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी के कारण इसका न्यूनतम असर होगा।