Sugar production: भारत में चीनी उत्पादन 2025-26 सीजन के अंत के करीब पहुंचते-पहुंचते 27.39 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया है। जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के 25.43 लाख मीट्रिक टन से 8 फीसदी ज्यादा है। यह वृद्धि मुख्य रूप से महाराष्ट्र और कर्नाटक में अधिक उत्पादन के कारण हुई है। वर्ष 2024-25 के पूरे चीनी सीजन (अक्टूबर-सितंबर) में चीनी का कुल उत्पादन 26.2 लाख मीट्रिक टन हुआ था।
नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज (NFCSF) के द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक 15 अप्रैल तक देश के सबसे बड़े उत्पादक राज्य महाराष्ट्र में चीनी उत्पादन 23 फीसदी बढ़कर 9.92 लाख मीट्रिक टन हो गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 8.06 लाख मीट्रिक टन था। चीनी के दूसरे सबसे बड़े उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश में इस वर्ष उत्पादन में 2 फीसदी की गिरावट आई है और यह 9.1 लाख मीट्रिक टन से घटकर 8.92 लाख मीट्रिक टन रह गया है। तीसरे सबसे बड़े उत्पादक कर्नाटक में उत्पादन 17 फीसदी बढ़कर 4.04 लाख मीट्रिक टन से 4.71 लाख मीट्रिक टन हो गया है।
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इस सीजन में कुल 541 चीनी मिलों ने क्रशिंग में हिस्सा लिया, जिनमें से 520 मिलें अब तक बंद हो चुकी हैं। अधिकांश राज्यों में क्रशिंग का काम लगभग समाप्त हो चुका है, जबकि उत्तर प्रदेश, हरियाणा और तमिलनाडु में अभी भी कुछ मिलें संचालन में हैं। मौजूदा चीनी सीजन 30 सितंबर को समाप्त हो रहा है, इसलिए अगस्त-सितंबर के दौरान तमिलनाडु और कर्नाटक में दूसरे सीजन से और चीनी जोड़ने की गुंजाइश है। वर्तमान में चालू 21 मिलों में से 11 तमिलनाडु में, 9 उत्तर प्रदेश में और 1 हरियाणा में हैं। उत्तर प्रदेश और हरियाणा की मिलों में इस महीने गन्ने की पेराई (क्रशिंग) समाप्त होने की संभावना है।
राज्यों में चीनी उत्पादन के मामलें में महाराष्ट्र सबसे आगे है और उत्तर प्रदेश दूसरे नंबर पर है। NFCSF के आंकड़ों के मुताबिक, महाराष्ट्र में अब तक 99.20 लाख टन चीनी उत्पादन हुआ है जबकि उत्तर प्रदेश में अब तक 89.20 लाख टन चीनी उत्पादन हुआ है। तीसरे नंबर पर कर्नाटक है। कर्नाटक में अब तक 47.15 लाख टन चीनी उत्पादन हुआ है। गुजरात में 7.50 लाख टन, आंध्रप्रदेश में 0.70 लाख टन, बिहार में 5.80 लाख टन, हरियाणा में 4.50 लाख टन, मध्य प्रदेश में 4.50 लाख टन, पंजाब में 4.25 लाख टन, तमिलनाडु में 5.30 लाख टन, तेलंगाना में 2.00 लाख टन, उत्तराखंड में 2.85 लाख टन और अन्य राज्यों में कुल 0.95 लाख टन चीनी उत्पादन हुआ है।
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इस सीजन में 15 अप्रैल तक अखिल भारतीय औसत चीनी रिकवरी 9.55 फीसदी रही, जो पिछले साल की 9.37 फीसदी से ज्यादा है। चीनी रिकवरी मामले में तेलंगाना 10.75 फीसदी के साथ देश में सबसे आगे है। 10.60 फीसदी के साथ गुजरात दूसरे पायदान पर है, जबकि 10.20 फीसदी के साथ उत्तर प्रदेश तीसरे पायदान पर है। उसके बाद बिहार 9.95, महाराष्ट्र और उत्तराखंड 9.50, हरियाणा 9.40, मध्य प्रदेश 9.30 और तमिलनाडु 9.10 फीसदी है। आंध्र प्रदेश में चीनी रिकवरी दर 9 फीसदी, पंजाब 8.70 और कर्नाटक में 8.60 फीसदी के साथ सबसे कम है।