facebookmetapixel
Advertisement
कच्चे तेल की महंगाई से पेट्रोल-डीजल फिर महंगे, बंगाल चुनाव बाद चौथी बार बढ़े तेल के दामMSMEs के लिए कारोबारी जरूरतों के मुताबिक बने कर्ज मॉडल: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमणरिकॉर्ड बिक्री और मजबूत मांग से आयशर मोटर्स के नतीजे अनुमान से बेहतरलिस्टेड रीट्स ने चौथी तिमाही में 2,566 करोड़ रुपये से ज्यादा बांटेAI की चुनौती से दबाव में आईटी शेयर, गिरावट के बाद भी सुधार की राह लंबीपश्चिम एशिया संकट की चौतरफा मार: भारतीय कंपनियों की बढ़ी लागत, महंगे होंगे ऑटो, फार्मा और राशनकमोडिटी बाजार पर फिर बढ़ेगा सेबी का फोकस, अहम विभाग फिर से शुरू करने की योजनानेपाल बॉर्डर से बुंदेलखंड तक बनेगा मेगा कॉरिडोर, UP में कनेक्टिविटी सुधारने को CM योगी का बड़ा प्लाननीट पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा: NTA ने अतीत से नहीं सीखा सबक, केंद्र और CBI से मांगा जवाबभारत और कनाडा के बीच ऊर्जा के लिए अपार संभावनाएं, व्यापार वार्ता भी तेज 

बेमौसम बारिश से गेहूं की सरकारी खरीद 69% घटी, पंजाब में किसानों का विरोध तेज

Advertisement

एफसीआई के आंकड़ों के अनुसार 1 अप्रैल से खरीद शुरू होने के बाद से एजेंसियों ने अब तक 15.3 लाख टन गेहूं खरीदा है, जबकि आवक 35 लाख टन था

Last Updated- April 15, 2026 | 11:10 PM IST
wheat

2026-27 सत्र के पहले पखवाड़े में केंद्र सरकार की गेहूं खरीद पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 69 प्रतिशत घटकर 15.3 लाख टन रह गई है। बेमौसम बारिश होने से पंजाब और हरियाणा में मंडी में तय मानक की तुलना में खराब गुणवत्ता की फसल आने से खरीद कम रही है।

सुस्त खरीद के कारण हजारों किसान मंडियों के बाहर इंतजार कर रहे हैं, जिससे उनके गेहूं की खरीद हो सके। सुस्त खरीद के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा और किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) जैसे किसान संगठनों ने 17 अप्रैल को सुबह 12 बजे से दोपहर 15 बजे तक पंजाब में 3 घंटे के रेल रोको का आह्वान किया है। वे खरीद गुणवत्ता मानकों में ढील की मांग कर रहे हैं।

सूत्रों ने बताया कि अब तक पंजाब की मंडियों में आने वाले गेहूं में 20 प्रतिशत सिकुड़े और टूटे दाने हैं, जबकि भारतीय खाद्य निगम केवल 6 प्रतिशत सिकुड़े दाने वाले गेहूं को स्वीकार करता है। इसके अतिरिक्त, मार्च के अंत और अप्रैल की शुरुआत में अचानक हुई बेमौसम बारिश के कारण इनकी चमक भी खराब हुई है।

पंजाब आढ़तिया एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम गोयल ने कहा, ‘पंजाब सरकार बड़े पैमाने पर खरीद करने से हिचकिचा रही है। उन्हें डर है कि यदि एफसीआई खराब गुणवत्ता वाले अनाज को अस्वीकार कर देता है, तो वे भारी मात्रा में बिना बिके स्टॉक के बोझ तले दब जाएंगे।’

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के अधिकारियों का दल पंजाब के मंडियों के दौरे पर है और वह गेहूं के नमूने एकत्र कर रहा है, लेकिन अगले 2-3 दिन से पहले कोई फैसला लिए जाने की संभावना नहीं है। पंजाब राज्य खरीद एजेंसियों के संयुक्त राज्य समन्वय समिति के सदस्य संदीप सिंह ने कहा कि किसी भी स्थिति में केंद्र सरकार को गुणवत्ता मापदंडों में ढील देनी होगी, जैसा कि उन्होंने हरियाणा और राजस्थान के लिए किया है।

केंद्र सरकार ने आज हरियाणा में मौजूदा 6 प्रतिशत के मापदंडों के मुकाबले 15 प्रतिशत सिकुड़े और टूटे दानों वाले गेहूं की खरीद को मंजूरी दे दी और 70 प्रतिशत चमक के नुकसान वाले गेहूं को स्वीकार करने का फैसला किया। रबी की मुख्य फसल गेहूं की खरीद अप्रैल-मार्च की अवधि में की जाती है। हालांकि मुख्य रूप से भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) और राज्य की एजेंसियों द्वारा अधिकांश अनाज पहले कुछ महीनों में ही खरीदा जाता है।

एफसीआई के आंकड़ों के अनुसार 1 अप्रैल से खरीद शुरू होने के बाद से एजेंसियों ने अब तक 15.3 लाख टन गेहूं खरीदा है, जबकि आवक 35 लाख टन था।

Advertisement
First Published - April 15, 2026 | 11:05 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement