भारत का चीनी निर्यात चालू विपणन वर्ष 2021-22 में सालाना आधार पर 15.38 प्रतिशत बढ़कर 75 लाख टन होने का अनुमान है। इसका कारण चीनी के वैश्विक उत्पादन में कमी के बीच भारतीय चीनी की मांग में वृद्धि की उम्मीद है। उद्योग निकाय इस्मा ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। देश ने अब तक 60 लाख टन चीनी के निर्यात के लिए अनुबंध किया है जबकि चालू विपणन वर्ष में फरवरी महीने तक 42 लाख टन चीनी का निर्यात किया जा चुका है। चीनी विपणन वर्ष अक्टूबर से सितंबर तक चलता है। ब्राजील के बाद भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चीनी उत्पादक देश है। भारतीय चीनी मिल संघ (इस्मा) के मुताबिक, ‘भारत चालू सत्र में 75 लाख टन चीनी का निर्यात करेगा, जबकि पहले अनुमान लगाया गया था कि 60 लाख टन चीनी का निर्यात होगा।’भारत से अधिक निर्यात होने की संभावना है क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय चीनी संगठन ने विपणन वर्ष 2021-22 में 19.3 लाख टन की वैश्विक कमी होने और निर्यातकों की अधिक भारतीय चीनी की खरीद की रुचि होने का संकेत दिया है।
2021 में चाय निर्यात में मामूली गिरावट
पिछले साल चाय का निर्यात सालाना आधार पर मामूली गिरावट के साथ 19 करोड़ 55 लाख किलो रहा। इससे पहले 2020 में यह 20 करोड़ 97.2 लाख किलो था। पिछले 12 महीनों के दौरान चाय निर्यात का मूल्य लगभग 5,246.89 करोड़ रुपये रहा। यह वर्ष 2020 की समान अवधि में 5,235.29 करोड़ रुपये था। सीआईएस (स्वतंत्र देशों के राष्ट्रकुल) ब्लॉक भारतीय चाय का सबसे बड़ा आयातक रहा जिसने 4 करोड़ 45.7 लाख किलो चाय का आयात किया। इसका आयात इससे पिछले कैलेंडर वर्ष में पांच करोड़ 16.3 लाख किलो था। रूस 3 करोड़ 40.9 लाख किलो का बड़ा खरीदार था। सीआईएस देशों के बाद ईरान सबसे बड़ा आयातक था। भाषा