facebookmetapixel
Advertisement
लाइन लगाने की जरूरत नहीं, घर पहुंचेगा गैस सिलेंडर: सीएम योगी आदित्यनाथऑल टाइम हाई के करीब Oil Stock पर ब्रोकरेज सुपर बुलिश, कहा- खरीद लें, 65% और चढ़ने का रखता है दमBharat PET IPO: ₹760 करोड़ जुटाने की तैयारी, सेबी में DRHP फाइल; जुटाई रकम का क्या करेगी कंपनीतेल, रुपये और यील्ड का दबाव: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी अस्थिरता, लंबी अनिश्चितता के संकेतवैश्विक चुनातियों के बावजूद भारतीय ऑफिस मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 15% इजाफाJio IPO: DRHP दाखिल करने की तैयारी तेज, OFS के जरिए 2.5% हिस्सेदारी बिकने की संभावनाडेटा सेंटर कारोबार में अदाणी का बड़ा दांव, Meta और Google से बातचीतभारत में माइक्रो ड्रामा बाजार का तेजी से विस्तार, 2030 तक 4.5 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमानआध्यात्मिक पर्यटन में भारत सबसे आगे, एशिया में भारतीय यात्रियों की रुचि सबसे अधिकबांग्लादेश: चुनौतियों के बीच आजादी का जश्न, अर्थव्यवस्था और महंगाई बनी बड़ी चुनौती

Gold Price: इस त्योहार सीजन क्यों महंगा हो सकता है आपका अगला सोने का गहना? बता रहे हैं एक्सपर्ट्स

Advertisement

Gold Price: विश्लेषकों का मानना है कि व्यापक आर्थिक अनिश्चितता, टैरिफ विवाद और केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी निवेशकों की इस कीमती धातु में दिलचस्पी को सहारा दे रहे हैं।

Last Updated- August 10, 2025 | 8:17 PM IST
Gold and Silver Price

Gold Price: सोने की कीमतों में अगले सप्ताह तेजी जारी रह सकती है। विश्लेषकों का मानना है कि व्यापक आर्थिक अनिश्चितता, टैरिफ विवाद और केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी निवेशकों की इस कीमती धातु में दिलचस्पी को सहारा दे रहे हैं। बाजार की नजर इस सप्ताह जारी होने वाले अहम वैश्विक आर्थिक आंकड़ों पर टिकी रहेगी। इनमें ब्रिटेन और यूरोपीय संघ का जीडीपी, अमेरिका का कोर प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (Core PPI) और कोर कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (Core CPI) शामिल हैं, जो सोने के रुझान को प्रभावित कर सकते हैं।

फेड अधिकारियों के बयान से मिलेगा संकेत

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अधिकारियों के भाषण भी सोने की कीमतों के निकट भविष्य के अनुमान पर आगे के मार्गदर्शन के लिए ध्यान का केंद्र होंगे। एंजेल वन (Angel One) में डीवीपी–रिसर्च, नॉन-एग्री कमोडिटीज और करेंसीज प्रथमेश माल्या ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय और घरेलू वायदा बाजार, दोनों में ही सोने की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और नए शिखर को छू रही हैं।

Also Read: रक्षा बंधन पर क्विक कॉमर्स की धूम: स्विगी-जेप्टो-बिगबास्केट ने तोड़े बिक्री के सारे रिकॉर्ड; हर घंटे बेचीं 1 लाख राखियां

उन्होंने कहा, “28 जुलाई को 10 ग्राम सोने का भाव ₹98,079 के निचले स्तर से बढ़कर ₹1,02,250 के ऊपरी स्तर तक पहुंच गया है। सोने की बढ़ती चमक निवेशकों की संपत्ति में इजाफा कर रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दाम 30 जुलाई को 3,268 डॉलर प्रति औंस से बढ़कर 8 अगस्त तक 3,534.10 डॉलर प्रति औंस हो गए हैं। यह तेजी थमने का नाम नहीं ले रही है।”

पिछले सप्ताह अक्टूबर डिलीवरी वाले सबसे ज्यादा कारोबार किए जाने वाले गोल्ड फ्यूचर्स मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर ₹1,763 यानी 1.77% चढ़ गए।

टैरिफ विवाद से बढ़ रही सोने की चमक

माल्या ने इस तेजी का एक कारण बढ़ते टैरिफ विवाद को बताया, जिसने वैश्विक व्यवस्था में उथल-पुथल मचा दी है। उन्होंने कहा कि अगर यह विवाद और बढ़ता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें 3,800 डॉलर प्रति औंस के स्तर तक जा सकती हैं, जबकि MCX वायदा कीमतें अगले तीन महीनों में 1,10,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती हैं।

Also Read: क्या रूसी तेल के बिना चल पाएंगी भारतीय रिफाइनरी? Kpler की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

पोर्टफोलियो में बढ़ रही सोना की हिस्सेदारी

टैरिफ, टैरिफ, टैरिफ — यह सिलसिला चलता ही जा रहा है। अमेरिका के पक्ष में वैश्विक व्यापार को नया रूप देने के लिए, अमेरिका ने दर्जनों व्यापारिक साझेदारों से आने वाले सामान पर ऊंचे टैरिफ लगाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में, रूस से तेल खरीदने के फैसले पर अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने भारत को निशाने पर लेते हुए भारत पर टैरिफ दोगुना कर 50% करने की घोषणा की।

माल्या ने आगे कहा, “इस तरह की व्यापक अनिश्चितता ने दुनिया भर के निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो का पुनर्गठन करने के लिए मजबूर कर दिया है, जिसमें सोने का हिस्सा बढ़ा दिया गया है। इससे सोने की कीमतों में और तेजी आई है।”

सोने का रुख रहेगा मजबूत

एलकेपी सिक्योरिटीज में वीपी रिसर्च एनालिस्ट – कमोडिटी और करेंसी जतिन त्रिवेदी के अनुसार, सोने का निकट अवधि का रुख तब तक सकारात्मक रहेगा, जब तक यह ₹99,000 प्रति 10 ग्राम के ऊपर बना रहता है।

उन्होंने कहा, “पिछले सप्ताह डॉलर की मजबूती ने सोने की तेजी को सीमित किया, लेकिन रुपये की कमजोरी ने घरेलू कीमतों को सहारा दिया है, जिससे गिरावट सीमित रहने की संभावना है। निकट अवधि में अस्थिरता बनी रहने की उम्मीद है, जिसमें कॉमेक्स (Comex) पर दाम 3,360–3,425 डॉलर और एमसीएक्स (MCX) पर ₹98,500–1,03,000 प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार कर सकते हैं।”

ब्याज दरों में कटौती की अटकलें

वेंचुरा सिक्योरिटीज में कमोडिटी एंड सीआरएम हेड एन एस रामास्वामी ने कहा कि पिछले सप्ताह उम्मीद से कमजोर आर्थिक आंकड़े आने के बाद अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर में कटौती की अटकलें तेज हो गई हैं।

शुक्रवार को न्यूयॉर्क में कॉमेक्स (Comex) पर दिसंबर डिलीवरी वाले सोने के वायदा दाम उछलकर 3,534.10 डॉलर प्रति औंस के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गए। हालांकि शनिवार को यह घटकर 3,491.30 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुए।

Also Read: Shrimp export: ट्रंप टैरिफ से 2 अरब डॉलर के झींगा निर्यात पर संकट, उद्योग ने सरकार से मांगी सहायता

रिकॉर्ड स्तर पर है सोना

उन्होंने कहा, “पिछले हफ्ते के कमजोर जॉब्स रिपोर्ट के बाद अमेरिका की विकास दर और महंगाई, दोनों की स्थिति बिगड़ी है जिससे सोना रिकॉर्ड स्तर पर बना हुआ है। केंद्रीय बैंक लगातार खरीदारी कर रहे हैं, ग्लोबल ट्रेड वॉर जारी हैं, भू-राजनीतिक जोखिम बढ़े हुए हैं और ईटीएफ होल्डिंग्स में इजाफा हो रहा है। फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती वह अहम कारक हो सकता है जो एक बार फिर रिकॉर्ड तोड़ तेजी को बढ़ावा दे।”

सोने के आयात पर टैरिफ से बढ़ सकते हैं दाम

रामास्वामी ने नए कारणों की ओर भी इशारा किया, जिनमें अमेरिका द्वारा एक किलो और 100 औंस के गोल्ड बार पर आयात शुल्क लगाना शामिल है जिससे सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है। साथ ही फेडरल रिजर्व की स्वतंत्रता पर आशंकाएं भी हैं जो निवेशकों की मांग को बढ़ा रही हैं।

उन्होंने आगे कहा, “निवेशकों का मानना है कि केंद्रीय बैंक अब भी अनिश्चित आर्थिक माहौल और अमेरिकी डॉलर से दूरी बनाकर डायवर्सिफिकेशन की इच्छा के चलते अपने भंडार में सोने की हिस्सेदारी बढ़ाते रहेंगे।”

विश्लेषकों का कहना है कि अगर आर्थिक हालात में अचानक बड़ा बदलाव नहीं हुआ, तो सोने की कीमतें बढ़ती रहेंगी।

(PTI इनपुट के साथ)

Advertisement
First Published - August 10, 2025 | 7:34 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement