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भारी बोनस के चलते छत्तीसगढ़ पहुंचे पड़ोसी राज्यों के किसान

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Last Updated- December 08, 2022 | 10:06 AM IST

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा घोषित धान की खरीद कीमत पड़ोसी राज्यों के किसानों को भी अपनी तरफ खींच रही है। किसान हालांकि अभी धान की फसल तैयार करने में जुटे हुए हैं, लेकिन खरीद कीमत ऐसी है कि किसानों का मन लालच से भर गया है।


और हो भी क्यों न, छत्तीसगढ़ सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 270 रुपये के बोनस की घोषणा की है। सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी ने अपने चुनाव घोषणा पत्र में कहा था कि अगर सरकार सत्ता में वापस लौटेगी तो किसानों को धान के एमएसपी पर प्रति क्विंटल 270 रुपये का बोनस दिया जाएगा।

सत्ता संभालते ही मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने बोनस का ऐलान कर दिया और खरीद पर इसे दिया भी जा रहा है। बोनस के ऐलान से पहले राज्य में सामान्य किस्म के धान का समर्थन मूल्य 850 रुपये था ।

जबकि ग्रेड-ए का एमएसपी 880 रुपये था। केंद्र सरकार ने हालांकि पहले ही धान की खरीद पर 50 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस देने का ऐलान किया था।

छत्तीसगढ़ के किसान अब ग्रेड-ए वाले धान के लिए 1200 रुपये प्रति क्विंटल पा रहे हैं। राज्य के फूड एंड सप्लाई विभाग के अधिकारियों ने कहा कि भारी बोनस के चलते भारी चुनौती सामने आ पड़ी है क्योंकि पड़ोसी राज्यों से भी किसान अपनी फसल लेकर छत्तीसगढ़ पहुंचने लगे हैं।

यहां मध्य प्रदेश, उड़ीसा और महाराष्ट्र के किसान अपनी फसल लेकर आ रहे हैं। फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेंट के प्रधान सचिव विवेक धंध ने कहा कि सभी जिलों के प्रशासकों को अलर्ट कर दिया गया है और उन्हें खरीद की प्रक्रिया पर निगरानी रखने को कहा गया है।

डिपार्टमेंट ने सभी जिलों के प्रशासकों को सर्कुलर जारी कर दिया है। सर्कुलर के जरिए यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि धान के खरीद केंद्रों पर सही किसान की अपनी उपज बेच सकें।

सूत्रों ने कहा कि बिचौलिए के अलावा व्यापारी भी धान की खरीद केंद्र में जुटने लगे हैं और माल बेच रहे हैं। सरकार ने यहां कुल 1577 कोऑपरेटिव सोसायटी की स्थापना की है और यहीं आकर किसान अपनी उपज बेच सकते हैं।

चूंकि बारिश की वजह से फसल को थोड़ा नुकसान पहुंचा है, इसी वजह से सरकार ने इस साल कुल 35 लाख टन धान खरीद का लक्ष्य रखा है जबकि पिछले साल कुल 40 लाख टन धान की खरीद हुई थी।

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First Published - December 19, 2008 | 10:49 PM IST

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