कच्चे तेल की कीमतों में लगातार चौथे कारोबारी दिन गिरावट देखने को मिली। अमेरिकी कच्चा तेल (डब्ल्यूटीआई) 70 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया है। वहीं ब्रेंट कच्चा तेल भी करीब 1.5 फीसदी टूटकर 72.81 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।
इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता को लेकर बढ़ी उम्मीदें हैं। बाजार को लग रहा है कि अगर दोनों देशों के रिश्तों में सुधार होता है तो कच्चे तेल की सप्लाई पहले की तरह सामान्य बनी रहेगी। पिछले कुछ दिनों की तुलना में अब ज्यादा तेल टैंकर होरमुज जलडमरूमध्य से आसानी से गुजर रहे हैं। इससे यह चिंता कम हुई है कि कहीं तेल की सप्लाई बाधित न हो जाए। यही वजह है कि बाजार में घबराहट भी कम हुई है।
केडिया एडवाइजरी का कहना है कि पश्चिम एशिया और पश्चिम अफ्रीका के कई बड़े निर्यातक देशों से कच्चे तेल की आपूर्ति बढ़ने लगी है। इसके अलावा अमेरिका ने पहले से लदे ईरानी कच्चे तेल की खरीद पर अस्थायी छूट भी दी है, जिससे बाजार में और तेल आने की उम्मीद बढ़ गई है।
ब्रेंट कच्चे तेल के बाजार में भी ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि फिलहाल मांग कमजोर रह सकती है, जबकि सप्लाई पर्याप्त रहेगी। यही वजह है कि कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बना हुआ है।