Budget 2026: केंद्र सरकार को वित्त वर्ष 2026-27 में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), नैशनल बैंकों और वित्तीय संस्थानों (financial institutions) से लाभांश (dividends) और अधिशेष (surpluses) के रूप में 3.16 लाख करोड़ रुपये प्राप्त होने की उम्मीद है, जो चालू वित्त वर्ष की तुलना में लगभग 3.75 फीसदी ज्यादा है।
संसद में प्रस्तुत संशोधित अनुमान (RE) के अनुसार, चालू वित्त वर्ष के दौरान केंद्र सरकार को लगभग 3.05 लाख करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है, जो फरवरी, 2025 में पेश किए गए आम बजट में 2.56 लाख करोड़ रुपये था।
बजट दस्तावेजों में यह भी बताया गया कि पब्लिक सेक्टर की कंपनियों और अन्य निवेश से मिलने वाला डिविडेंड 75,000 करोड़ रुपये अनुमानित है, जो चालू वित्त वर्ष के बजट में 71,000 करोड़ रुपये था।
डिविडेंड और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा किया गया सरप्लस ट्रांसफर गैर-कर राजस्व (नॉन-टैक्स रेवेन्यू) की कैटेगरी में आता है।
कुल मिलाकर, केंद्र सरकार को अगले वित्त वर्ष में नॉन-टैक्स रेवेन्यू से 6.66 लाख करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है, जो 2025-26 के 6.67 लाख करोड़ रुपये से थोड़ा कम है। वहीं, टैक्स रेवेन्यू को 28.66 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो 2025-26 के 26.74 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 7.18 फीसदी ज्यादा है।