Mutual Funds लाइसेंस की इच्छुक फर्में कम, लंबित आवेदनों की संख्या इस साल 11 से घटकर 2 रही
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) से तुरंत मंजूरी के साथ साथ नियामकीय बदलावों के बीच आवेदन वापस लिए जाने से भी म्युचुअल फंड (एमएफ) लाइसेंस चाहने वाली कंपनियों की सूची छोटी हो गई है। सितंबर के अंत तक ऐंजलवन और यूनिफाई कैपिटल के सिर्फ दो म्युचुअल फंड आवेदन लंबित थे। कैलेंडर वर्ष 2023 के […]
Interview: वैश्विक समस्याओं के बीच घरेलू क्षेत्र पर दांव
बंधन ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी (एएमसी) के इक्विटी प्रमुख मनीष गुनवानी का कहना है कि अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल और डॉलर में मजबूती के रूप में इक्विटी बाजार को दो बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। अभिषेक कुमार के साथ इंटरव्यू में गुनवानी ने कहा कि जब तक इक्विटी के लिए इन दो मोर्चों पर राह […]
दूसरी तिमाही में परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों का प्रदर्शन मिलाजुला, सीमित तेजी संभव
वित्त वर्ष 2024 की जुलाई-सितंबर तिमाही परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों (एएमसी) के लिए मिली-जुली रही है। जहां दो सबसे बड़ी सूचीबद्ध एएमसी एचडीएफसी और निप्पॉन ने राजस्व और मुनाफे दोनों मोर्चे पर शानदार वृद्धि दर्ज की, वहीं अन्य दो कंपनियों आदित्य बिड़ला सनलाइफ और यूटीआई के मुनाफे में गिरावट दर्ज की गई। दूसरी तिमाही में एचडीएफसी […]
म्युचुअल फंड उद्योग का 1,000 कंपनियों पर दांव
भारत के म्युचुअल फंड उद्योग ने अपने निवेश वाली कंपनियों की संख्या में इजाफा किया है। इक्विटी फंडों में बढ़ते निवेश के बीच इस समय करीब 1,000 कंपनियों में म्युचुअल फंडों का पैसा लगा हुआ है। प्राइमएमएफडेटाबेस डॉटकॉम के आंकड़े के बिजनेस स्टैंडर्ड द्वारा किए गए विश्लेषण से पता चला है कि जिन ज्यादातर शेयरों […]
AMFI ने भविष्य के अनुमानित रिटर्न की तय की सीमा
द एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) ने संभावित रिटर्न की सीमा तय कर दी है, जो म्युचुअल फंड अपने इलेस्ट्रेशन व कैलकुलेटर के माध्यम से सामने रखते हैं। इस सीमा को अब हर परिसंपत्ति वर्ग की तरफ से सृजित लंबी अवधि के रिटर्न के साथ जोड़ दिया गया है। उद्योग निकाय ने एमएफ […]
BS BFSI Summit: मजबूत है भारत की लंबी अवधि की प्रगति की कहानी
Business Standard BFSI Summit: भारत में मनी मैनेजर इस वास्तविकता पर आमराय हैं कि आम चुनाव, ज्यादा मूल्यांकन और वैश्विक जोखिम के चलते इक्विटी बाजारों को अल्पावधि में भले ही ज्यादा उतार चढ़ाव का सामना करना पड़े, लेकिन लंबी अवधि के लिहाज से भारत की प्रगति की कहानी अनुकूल बनी हुई है। आदित्य बिड़ला सन […]
डेट फंड कर ढांचे में बदलाव का असर, नई फंड योजनाओं में सुस्ती
डेट फंड कराधान में बदलाव की वजह से म्युचुअल फंडों (MF) द्वारा नई योजनाओं की पेशकश धीमी पड़ी है। भारत में म्युचुअल फंडों के संगठन (एम्फी) के आंकड़े से पता चलता है कि इस वित्त वर्ष की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर,2023) के दौरान, फंड हाउसों ने 73 नई फंड पेशकशें (एनएफओ) कीं, जबकि वित्त वर्ष 2023 […]
एक्सपर्ट्स की राय, विपरीत परिस्थितियों के बीच दबाव में रह सकते है बाजार
Stock Market: बेंचमार्क सूचकांक अपने-अपने सर्वोच्च स्तर से 4 फीसदी नीचे आ चुके हैं। विभिन्न अवरोधों मसलन अमेरिकी बॉन्ड का बढ़ता प्रतिफल व कच्चे तेल में तेजी, भूराजनीतिक अनिश्चितताएं और आय के मोर्चे पर निराशा के बीच विशेषज्ञ और गिरावट की संभावना से इनकार नहीं कर रहे हैं। साथ ही अगर राज्यों में होने वाले […]
सवाल-जवाब: स्मॉल-मिडकैप से लार्जकैप में ज्यादा संभावना, UTI AMC के मुख्य निवेश अधिकारी ने बताई वजह
यूटीआई ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी (एएमसी) के मुख्य निवेश अधिकारी (सीआईओ) वेत्री सुब्रमण्यन का कहना है कि निफ्टी के लिए मूल्यांकन उचित दायरे में है, लेकिन स्मॉल और मिडकैप महंगे हैं। अभिषेक कुमार के साथ टेलीफोन पर एक साक्षात्कार में सुब्रमण्यन ने कहा कि फार्मास्युटिकल और हेल्थकेयर क्षेत्रों का मूल्यांकन उचित है। मुख्य अंश: कमजोर प्रदर्शन […]
उठापटक में भी शेयरों में नकदी झोंक रहे म्युचुअल फंड
तेल की ऊंची कीमतों और बॉन्ड प्रतिफल में बढ़ोतरी के कारण अनिश्चतता होने के बाद भी फंड प्रबंधक शेयर बाजार में पूरी ताकत के साथ रकम झोंक रहे हैं। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सितंबर 2023 में इक्विटी फंड प्रबंधकों के पास उपलब्ध नकदी पिछले 16 महीनों के सबसे निचले […]