गहलोत ने जोधपुर के डॉ. सम्पूर्णानंद मेडिकल कॉलेज में एक कार्यक्रम में कहा कि राजस्थान सरकार ने वृद्धजनों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए राज्य के प्रत्येक मेडिकल कॉलेज में जेरियेट्रिक सेंटर स्थापित किये हैं तथा इनकी स्थापना के लिये राज्य सरकार द्वारा 10 करोड रूपये उपलब्ध कराये है।
गहलोत ने कहा कि पहले 55 साल का आदमी बूढा माना जाता था, लेकिन अब 60 साल की आयु के बाद भी व्यक्ति अपने सेवाकाल में बढोत्तरी चाहता है। अच्छे स्वास्थ्य के कारण लोग सेवानिवृत्त होने के बाद भी काम की तलाश में रहते है।
उन्होंने कहा कि परिवार के अधिकतर लोगों को यह पता ही नहीं होता कि वृद्ध व्यक्ति को किस प्रकार के व्यवहार, सेवा एवं उपचार की आवश्यकता होती है। सौभाग्य से देश की संस्कृति के कारण हमारा सामाजिक ताना-बाना मजबूत है तथा वृद्धों को सम्मान तथा सेवा प्राप्त होती है, लेकिन कुछ घरों में यह परम्परा टूट रही है। इसलिये हमारी इच्छा है कि हर जिले में वृद्धाश्रम खुले।