महीनों के मंथन के बाद प्रधानमंत्री डेविड कैमरन की कंजरवेटिव पार्टी और लिबरल डेमोक्रेट्स का गठबंधन कल देर रात इस निर्णय पर पहुंचा कि उर्जा विधेयक को अगले सप्ताह पेश किया जाए ।
समझौता करते हुए गठबंधन सहयोगियों ने वर्ष 2030 तक बिजली उत्पादन क्षेत्र से कार्बन उत्सर्जन कम करने के लक्ष्य पर निर्णय को वर्ष 2016 तक टाल दिया है। गठबंधन सरकार की इस निर्णय का पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने बहुत विरोध किया है।
इस मुद्दे पर बातचीत को वित्त मंत्री जॉर्ज ऑसबोर्न और लिबरल डेमोक्रेट्स के बीच युद्ध के रूप में देखा जा रहा था । ऑसबोर्न गैस से चलने वाले विद्युत संयंत्रों के समर्थक हैं जबकि डेम्स स्वच्छ उर्जा के समर्थक हैं ।
ऑसबोर्न का मानना है कि बिजली उत्पादन में गैस के उपयोग से खर्च कम होगा जबकि डेमोक्रेट्स का कहना है कि उर्जा प्रणाली में गैस के उपयोग को पूरी तरह समाप्त कर देना चाहिए ।
अनुमान है कि ब्रिटेन की पुरानी हो रही विद्युत ढांचा को सुधारने के लिए अगले एक दशक में 110 अरब पाउंड राशि की जरूरत होगी। इसमें कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए पवन चक्की लगाना जैसे विकल्प भी शामिल हैं।