राम ने आज यहां पत्रकारों से बातचीत में दो टूक कहा कि दो माह की हड़ताल के बाद राज्य के पैरा शिक्षकों ने अपनी हड़ताल 31 अक्तूबर को समाप्त कर दी थी जिसके बाद उन्हें अपनी ड्यूटी पांच नवंबर तक प्रारंभ करने की छूट दी गयी है। इसमें कोई कोताही नहीं बर्दाश्त की जायेगी।
यह पूछे जाने पर कि ऐसा न करने वालों के खिलाफ सरकार क्या कार्रवाई करेगी, राम ने कहा कि इस बारे में पांच नवंबर के बाद राज्य सरकार फैसला करेगी। मंत्री का यह बयान इस संदर्भ में महत्वपूर्ण है कि पैरा शिक्षकों का एक समूह अभी भी काम पर लौटने को तैयार नहीं है और वह अपनी पुरानी मांगों पर ही कायम हैं।
उन्होंने कहा कि पैरा शिक्षकों को जिस योजना के तहत नियुक्त किया गया है उसमें उन्हें स्थाई करने और स्थाई शिक्षकों के समान वेतन देने की व्यवस्था नहीं की जा सकती है।
इन्हीं दोनों मांग के साथ राज्य के पैरा शिक्षक जुलाई से ही हड़ताल पर थे और 31 अक्तूबर को झारखंड उच्च न्यायालय के उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश के बाद उसी दिन इन शिक्षकों ने अपनी हड़ताल खत्म करने की घोषणा की थी लेकिन अभी भी बहुत से अध्यापक अपनी ड्यूटी पर नहीं पहुंचे हैं।
भाषा : इन्दु