| वैश्विक अर्थव्यवस्था की खराब हालत से शेयर बाजार में हड़कंप | | बिकास राव / नई दिल्ली August 19, 2011 | | | | |
वैश्विक अर्थव्यवस्था की हालत दिनों-दिन खराब होती जा रही है। वैश्विक अर्थव्यवस्था की विकास दर घटने और रह रह कर दोबार आर्थिक मंदी लौटने की अटकलों से दुनिया भर के शेयर बाजारों में हड़कंप मचा हुआ है। अभी कुछ दिन पहले अमेरिकी कर्ज संकट के चलते बाजार गिरावट में था। अब धीरे-धीरे इसमें सुधार के लक्षण दिखाई दे ही रहे थे कि फिर से इसने गिरावट की चादर ओढ़ ली है।
गुरुवार को अमेरिकी के प्रमुख शेयर बाजारों में 4 से 6 प्रतिशत की गिरावट आई। डाउ जोंस में 419 अंकों की तगड़ी गिरावट दर्ज हुई और नैस्डेक सूचकांक भी 131 अंक गिरकर बंद हुआ। इसका साफ असर शुक्रवार को एशियाई शेयर बाजारों के शुरुआती कारोबार पर पड़ा और आज यहां कारोबार की शुरुआत बेहद खराब रही।
अब तक के कारोबार में जापानी शेयर बाजार 2.51 फीसदी, हैंगसैंग इंडेक्स 2.60 फीसदी और स्टरलाइट टाइम्स करीब 3 फीसदी तक लुढ़क चुके है। एशियाई शेयर बाजारों के धाराशाई होने से घरेलू शेयर बाजार के निवेशकों में भारी घबराहट देखी जा रही है। आज बीएसई के सेंसेक्स ने कारोबार की शुरुआत 351 अंकों की भारी गिरावट के साथी की।
वैश्विक अर्थव्यवस्था की रफ्तार घटने की चिंता और गहराने से आज बंबई शेयर बाजार की काफी कमजोर शुरुआत हुई और सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 350 अंक लुढ़क गया। सेंसेक्स कुल 351.37 अंक की गिरावट के साथ 16,118.42 अंक पर आ गया। वहीं नैशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 100 अंक से अधिक लुढ़ककर 4,900 अंक से नीचे आ गया।
आईटी, बैंकिंग शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। इन्फोसिस, आईसीआईसीआई बैंक, टीसीएस और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज हो रही है। रिलायंस इंडस्ट्रीज और टाटा मोटर्स के शेयरों में भी गिरावट का रुख था। ब्रोकरों ने कहा कि एशियाई बाजारों में गिरावट के रुख से घरेलू बाजारों में धारणा कमजोरी की थी।
कमजोर आर्थिक आंकड़ों से कल अमेरिकी बाजार नीचे आ गए और इससे दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था को लेकर चिंता गहरा गई है। चीन के बाजार शुरुआती कारोबार में 1 प्रतिशत नीचे आ गया। वहीं जापान, हांगकांग, आस्ट्रेलिया और ताइवान के बाजारों में दो प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। यूरोपीय बाजारों में भी कल तेज गिरावट दर्ज हुई थी। कल सेंसेक्स 371 अंक लुढ़ककर 16,469.79 अंक पर आ गया था।
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