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भारत के EV बाजार में विनफास्ट का तूफान: टाटा-MG के बाद चौथे नंबर पर पहुंची, BYD-ह्युंडै को छोड़ा पीछे

VinFast ने ह्युंडै मोटर, बीएमडब्ल्यू, किआ और चीनी कंपनी बीवाईडी जैसी बड़ी कंपनियों को पीछे छोड़ दिया है

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शाइन जेकब   
Last Updated- January 25, 2026 | 10:19 PM IST

दो वै​श्विक इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) कंपनियों – टेस्ला और विनफास्ट ने जुलाई में भारत में नई पेशकशों के साथ बाजार में दस्तक दी थी। अब छह महीने बाद वियतनामी कंपनी भारतीय बाजार में धूम मचा रही है। पिछले दो महीनों में यह भारत में चौथी सबसे ज्यादा बिकने वाली ईवी निर्माता बन गई है। उसने ह्युंडै मोटर, बीएमडब्ल्यू, किआ और चीनी कंपनी बीवाईडी जैसी बड़ी कंपनियों को पीछे छोड़ दिया है। टेस्ला भी प्रीमियम कैटेगरी में सतर्कता के साथ कदम उठा रही है।

विनफास्ट ने मिड-प्रीमियम कैटेगरी में आक्रामक मूल्य निर्धारण, घरेलू विनिर्माण और बड़े रिटेल नेटवर्क के जरिये 1,161 वाहन बेचे। इस दौरान टेस्ला की बिक्री 259 वाहन रही और उसने प्रीमियम सेगमेंट को बढ़ावा दिया। दोनों ब्रांड 15 जुलाई को भारत में एक साथ लॉन्च हुए थे।

जनवरी में अब तक, टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक ने 5,545 वाहनों की बिक्री के साथ बाजार में दबदबा बनाया, उसके बाद जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर (3,503 वाहन) और महिंद्रा इलेक्ट्रिक (2,670 वाहन) का नंबर रहा।

एनवायरोकैटालिस्ट‌‌‌स की ओर से साझा किए गए आंकड़ों से पता चलता है कि इन दो वै​श्विक दिग्गजों की पेशकश के बाद से भारत में 77,755 पंजीकरण हुए। इनमें विनफास्ट की भागीदारी 1.5 फीसदी रही। उसने खासकर पिछले दो-तीन महीनों में अन्य बड़ी कंपनियों की बाजार ​हिस्सेदारी को नुकसान पहुंचाया। टेस्ला की बाजार भागदारी 0.3 फीसदी रही। 

एनवायरोकैटालिस्ट्स के संस्थापक और लीड एनालिस्ट सुनील दहिया ने कहा, ‘2025 के मध्य से भारत के मिड-प्रीमियम ईवी एसयूवी सेगमेंट में विनफास्ट की एंट्री ने बीवाईडी, ह्युंडै, किया और एमजी जैसी पुरानी कंपनियों को प्रभावित किया है। विनफास्ट की स्थानीय तौर पर असेंबल वीएफ6 और वीएफ7 ने आकर्षक शुरुआती कीमतों पर उनकी मासिक बिक्री का 3 से 5 प्रतिशत हिस्सा हथिया लिया है।’ 

इस वजह से महाराष्ट्र, दिल्ली-एनसीआर और कर्नाटक जैसे ज्यादा ईवी वाले राज्यों में प्रतिद्वंद्वियों ने भी डिस्काउंट, ईएमआई में राहत और वारंटी एक्सटेंशन देना शुरू कर दिया, जिससे कुछ समय के लिए कीमत युद्ध शुरू हो गया। इससे गाड़ियां खरीदना सस्ता हुआ। लेकिन कंपनियों का मार्जिन घट गया। दहिया ने कहा, ‘जनवरी 2026 में विनफास्ट द्वारा 80,000 रुपये से 1.3 लाख रुपये की बढ़ोतरी यह दिखाती है कि मांग मजबूत है, जिससे प्रतिस्पर्धियों पर दबाव कम हुआ है। अब वे कीमतों को स्थिर कर सकते हैं, जबकि ग्राहकों को लगातार मिलने वाले इन्सेंटिव और ज्यादा प्रतिस्पर्धी इकोसिस्टम का फायदा मिलेगा और 30 प्रतिशत पैठ के लक्ष्य जैसी पॉलिसी के समर्थन के बीच भारत में ईवी के इस्तेमाल में तेजी आएगी।’

विनफास्ट आक्रामक रिटेल रणनीति अपना रही है। इसके तहत वह 2026 के आखिर तक शोरूम की संख्या 35 से बढ़ाकर 75 करेगी। उसका इरादा छोटे शहरों-कस्बों तक पहुंचने का है। इससे शोरूमों की संख्या में बढ़ोतरी की उम्मीद है। दूसरी ओर, टेस्ला ने मुंबई (बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स) और दिल्ली (एयरोसिटी) में सिर्फ दो शोरूम खोलकर सतर्क रुख अपनाया है।

विनफास्ट इंडिया के मुख्य कार्या​धिकारी तपन घोष ने कहा, ‘2026 में, विनफास्ट की भारतीय बाज़ार में तीन नए मॉडल उतारने की योजना है। हम 7-सीटर एमपीसी से शुरुआत करेंगे। यह एक प्रीमियम लेकिन प्रैक्टिकल इलेक्ट्रिक एमपीवी है जिसे पारिवारिक और कमर्शियल, दोनों तरह के इस्तेमाल को ध्यान में रखकर बनाया गया है।’

First Published : January 25, 2026 | 10:19 PM IST