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इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की सब्सिडी में अचानक कटौती से प्रभावित होगा उद्योग: SMEV

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Last Updated- May 23, 2023 | 12:52 PM IST
EV Sales

इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग के निकाय SMEV ने मंगलवार को कहा कि इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की सब्सिडी में अचानक कमी से भारी नुकसान हो सकता है। निकाय ने कहा कि इससे EV अपनाने में बड़ी गिरावट हो सकती है और पूरा उद्योग लंबे समय के लिए प्रभावित हो सकता है।

हालांकि, दूसरी ओर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी क्षेत्र में स्टार्टअप कंपनियों ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि यह EV उद्योग के लिए अपने दम पर खड़े होने का समय है। सरकार ने सोमवार को इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर लागू फेम-2 (भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के विनिर्माण और उन्हें तेजी से अपनाना) योजना के तहत दी जाने वाली सब्सिडी को कम कर दिया था। यह फैसला एक जून 2023 को या उसके बाद पंजीकृत इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर लागू होगा।

भारी उद्योग मंत्रालय ने इन परिवर्तनों को अधिसूचित किया है। इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए मांग प्रोत्साहन 10,000 रुपये प्रति किलोवाट घंटा होगा। सोसाइटी ऑफ मैन्युफैक्चरर्स ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (SMEV) के महानिदेशक सोहिंदर गिल ने बदलावों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘सब्सिडी में अचानक कमी से EV अपनाने में बड़ी गिरावट आ सकती है, जिससे पूरे उद्योग पर काफी समय तक असर पड़ेगा।’

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उन्होंने कहा कि जमीनी हकीकत यह है कि भारतीय बाजार कीमत के प्रति संवेदनशील बना हुआ है। ज्यादातर पेट्रोल दोपहिया वाहनों की कीमत एक लाख रुपये से कम है, और इसलिए इलेक्ट्रिक वाहन पर 1.5 लाख रुपये से अधिक खर्च करने की संभावना कम है।

गिल ने हालांकि कहा कि भारी उद्योग मंत्रालय ने कुछ महीने पहले ही सब्सिडी कम करने का संकेत दे दिया था। दूसरी ओर, वोल्टअप के सह-संस्थापक और CEO सिद्धार्थ काबरा ने फेम सब्सिडी में कमी का स्वागत किया और कहा कि अब उद्योग के लिए अपने पैरों पर खड़ा होने का वक्त है। उन्होंने उद्योग और सरकार से एक सुसंगत बुनियादी ढांचा विकास नीति बनाने की दिशा में काम करने का भी आह्वान किया।

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First Published - May 23, 2023 | 12:52 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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