देश के यात्री वाहन उद्योग में वित्त वर्ष 27 के दौरान वृद्धि दर में कमी आने की आशंका है। वित्त वर्ष 26 के उत्तरार्ध में जीएसटी दरों में कटौती की बदौलत हुई जोरदार वापसी के बाद ऐसा हो सकता है, जब मांग के मनोबल और परिदृश्य पर पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव का साया पड़ रहा है।
उद्योग की बिक्री वित्त वर्ष 26 में तेजी से बढ़ी। इससे यात्री वाहनों की कुल थोक बिक्री लगभग 47 लाख तक पहुंच गई। यह पिछले वर्ष की तुलना में 8.3 प्रतिशत की वृद्धि है। ऐसा मुख्य रूप से वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में जोरदार सुधार की वजह से हुआ।
प्राइमस पार्टनर्स के अनुराग सिंह ने कहा, ‘वित्त वर्ष 26, विशेष रूप से दूसरी छमाही यात्री वाहनों के लिए असाधारण रूप से दमदार रही है। इस दौरान 47 लाख से अधिक वाहन बिक्री हुई है और पहले से ही अधिक आधार पर 8.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।’
वित्त वर्ष 26 की दूसरी छमाही में तेज बढ़ोतरी जीएसटी के कारण दाम में कमी, अचानक बढ़ी मांग और ग्रामीण क्षेत्र की अनुकूल धारणा से हुई थी। इस रुख को दोहराते हुए इक्रा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्रीकुमार कृष्णमूर्ति ने कहा, ‘यह वित्त वर्ष दो छमाही की कहानी बताता है। दूसरी छमाही में नीतिगत समर्थन और बेहतर ग्रामीण मांग के आधार पर मजबूत सुधार हुआ है।’
अलबत्ता जैसे-जैसे उद्योग वित्त वर्ष 27 में प्रवेश कर रहा है, कई तरह की बाधाओं से वृद्धि धीमी होने की आशंका है। क्रिसिल इंटेलिजेंस के वरिष्ठ निदेशक हेमल ठक्कर ने इस बात पर जोर दिया कि हालांकि दूसरी छमाही की रफ्तार वित्त वर्ष 27 की शुरुआत तक जारी रहने की उम्मीद थी, लेकिन बढ़ रहे भू-राजनीतिक जोखिमों ने अनुमानों को बदल दिया है।
ठक्कर ने कहा, ‘पश्चिम एशिया संकट की वजह से विभिन्न वाहन श्रेणियों के मनोबल पर प्रभाव पड़ा है, जिससे विभिन्न श्रेणियों के पूर्वानुमानों में गिरावट आई है।’
उन्होंने कहा कि वृद्धि का यह परिदृश्य पहली छमाही के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा। ठक्कर ने कहा, ‘अगर पहली छमाही में उचित वृद्धि नहीं दिखती है तो वित्त वर्ष 27 में वृद्धि चुनौतीपूर्ण बनी रहेगी क्योंकि दूसरी छमाही के अधिक आधार का प्रभाव पूरे वित्त वर्ष की वृद्धि पर पड़ेगा।’ क्रिसिल इंटेलिजेंस ने वित्त वर्ष 27 के लिए यात्री वाहनों की बिक्री वृद्धि के अनुमान को घटाकर 3 से 5 प्रतिशत कर दिया है, जबकि पहले 5 से 7 प्रतिशत का अनुमान था।
इसी तरह इक्रा ने भी कमी का संकेत दिया है और वित्त वर्ष 27 में यात्री वाहन की बिक्री वृद्धि का अनुमान 4 से 6 प्रतिशत जताया है, जबकि वित्त वर्ष 26 में यह अनुमान 7 से 9 प्रतिशत था। कृष्णमूर्ति ने कहा, ‘हालांकि मांग का मनोबल आशावादी बना हुआ है, लेकिन बिक्री ऐसे स्तर पर पहुंच रही है, जो साल 2026-27 में असाधारण वृद्धि की संभावना पर भारी पड़ेगी।’