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E25 ईंधन लागू करने से पहले टेस्टिंग जरूरी, ऑटो इंडस्ट्री ने जताई चिंता

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E20 से आगे बढ़ने की तैयारी, लेकिन 28 करोड़ से ज्यादा वाहनों पर असर को लेकर सतर्कता जरूरी

Last Updated- May 01, 2026 | 8:42 AM IST
Ethanol
Representational Image

देश की सड़कों पर लगभग 24 करोड़ दोपहिया और 4 करोड़ कारें चलती हैं। इन्हें मूल रूप से कम एथनॉल वाले ईंधन के लिहाज से बनाया गया था। ऐसे में वाहन विनिर्माता इस बात पर चिंतित हैं कि ये वाहन ई25 ईंधन पर किस तरह चल पाएंगे, क्योंकि सरकार अनिवार्य ई20 ईंधन को बढ़ाने पर विचार कर रही है। बिज़नेस स्टैंडर्ड को मिली जानकारी के अनुसार वाहन उद्योग की हाल की आंतरिक चर्चाओं में यह प्रमुख मसला बन चुका है।

वाहन उद्योग के कई अधिकारियों ने कहा कि ई25 की दिशा में बढ़ने के लिए साल 2026 में ही सरकारी एजेंसियों द्वारा परीक्षण करना आवश्यक है और यह उसका अभिन्न अंग होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर पर्याप्त जागरूकता, उचित ईंधन मूल्य निर्धारण और वाहन विनिर्माताओं का स्पष्ट मार्गदर्शन हो तो ग्राहक इसे सहजता से अपना सकते हैं।

फिलहाल 20 प्रतिशत एथनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल के मिश्रण वाला ई20 देश में अनिवार्य है और सभी पेट्रोल पंप इसी श्रेणी वाले ईंधन की आपूर्ति कर रहे हैं। 28 फरवरी को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय तथा भारी उद्योग मंत्रालय ने वाहन उद्योग के साथ इस बात पर चर्चा शुरू की कि भारत को ई20 से आगे बढ़कर ई25 जैसे अधिक मिश्रणों की दिशा में कैसे बढ़ना चाहिए। यह संभावना है कि वाहन उद्योग के अधिकारी सीधे ई25 में जाने के बजाय चरणबद्ध बदलाव के लिए तर्क देंगे।

उन्होंने कहा कि लगभग 21 प्रतिशत वाले मिश्रण तक तेजी से बढ़ने के मामले में ई20 ±1 को अंतरिम कदम के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। ई20 ±1 का मतलब है कि एथनॉल का मिश्रण 20 प्रतिशत से हल्का-सा ही कम या ज्यादा हो सकता है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि देश में वाहनों का विविध आधार है। इसमें बड़ी संख्या में पुराने वाहन शामिल हैं, विशेष रूप से ऐसे दोपहिया जो कार्ब्यूरेटर का उपयोग करते हैं। यह ईंधन-मिश्रण की बुनियादी प्रणाली होती है। साथ ही ऐसे नए वाहन भी हैं, जो ईंधन इंजेक्शन और इलेक्ट्रॉनिक नियंत्रण का इस्तेमाल करते हैं।

उन्होंने कहा कि चूंकि इन विभिन्न प्रकार के वाहनों की अधिक एथनॉल मिश्रण पर प्रतिक्रिया अलग-अलग हो सकती है, इसलिए क्रमबद्ध रूप से तथा अच्छी तरह से नियोजित बदलाव यह सुनिश्चित करने में मदद करेगा कि सभी श्रेणियां प्रदर्शन या उपयोगकर्ता अनुभव को प्रभावित किए बिना सुचारु रूप से इसके अनुकूल हों।

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First Published - May 1, 2026 | 8:42 AM IST

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