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E20 के बाद अब E25 पेट्रोल की तैयारी, सरकार ने वाहन कंपनियों के साथ शुरू की बड़ी चर्चा

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सरकार ने पेट्रोल में 25% एथनॉल मिश्रण (E25) लागू करने के लिए ऑटो कंपनियों से चर्चा शुरू की है, ताकि कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम हो सके

Last Updated- March 27, 2026 | 10:15 PM IST
Ethanol
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

केंद्र सरकार ने देश में अनिवार्य ई20 पेट्रोल से आगे बढ़कर अधिक एथनॉल मिश्रित ई25 लागू करने की संभावना पर वाहन कंपनियों के साथ चर्चा शुरू कर दी है। हालांकि, इस बदलाव को लेकर वाहन उद्योग में नियमों, तकनीकी चुनौतियों और उपभोक्ताओं पर असर को लेकर चिंताएं भी दिख रही हैं। वर्तमान में भारत के लगभग सभी पेट्रोल पंपों पर ई20 पेट्रोल (20 फीसदी एथेनॉल और 80 फीसदी पेट्रोल का मिश्रण) उपलब्ध है और इसे अगले महीने से पूरे देश में अनिवार्य किया जाना है।

एथनॉल का उत्पादन पूरी तरह से भारत में ही होता है जबकि देश अपनी 85 फीसदी से अधिक कच्चे तेल की जरूरत, आयात से पूरी करता है। पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है और वैश्विक कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। इसी स्थिति को देखते हुए सरकार उपभोक्ताओं पर असर कम करने के लिए वैकल्पिक उपाय तलाश रही है।

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सूत्रों के अनुसार, भारी उद्योग मंत्रालय के अधिकारियों ने शुक्रवार को सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चर्स (सायम) के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की जिसमें देशभर के पेट्रोल पंपों पर ई20 से ई 25 में बदलाव की व्यवहार्यता पर चर्चा की गई। इस बैठक से पहले सायम से जुड़ी कंपनियों ने भी इस मुद्दे पर आंतरिक चर्चा की थी।

यह बैठक पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की उस बैठक से अलग है, जो शनिवार को होने वाली है। इस बैठक में वाहन कंपनियों को भारत में ‘फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों’ को लॉन्च करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा और तेल कंपनियों से पेट्रोल पंपों पर फ्लेक्स-फ्यूल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा जाएगा।

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First Published - March 27, 2026 | 10:15 PM IST

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