facebookmetapixel
Advertisement
स्मार्ट लाइटिंग से चमकेगा भारत! 2031 तक 24 अरब डॉलर पार करेगा स्मार्ट होम मार्केटकैबिनेट का बड़ा फैसला, नागपुर एयरपोर्ट बनेगा वर्ल्ड क्लास हब; यात्रियों को मिलेंगी नई सुविधाएंKharif MSP 2026: खरीफ फसलों की MSP में इजाफा, धान का समर्थन मूल्य ₹72 बढ़ाFMCG कंपनियों में निवेश का मौका, DSP म्युचुअल फंड के नए ETF की पूरी डीटेलUS-Iran War: चीन यात्रा से पहले ट्रंप की ईरान को खुली चेतावनी, बोले- ‘डील करो वरना तबाही तय’Cabinet decisions: कोयले से गैस बनाएगी सरकार! ₹37,500 करोड़ की स्कीम से बदल सकती है देश की ऊर्जा तस्वीरहर महीने ₹30,000 करोड़ का नुकसान! आखिर कब तक पेट्रोल-डीजल के दाम रोक पाएगी सरकार?IT Sector Outlook: AI और क्लाउड से मिल रहा बड़ा काम, भारतीय IT कंपनियों के लिए बदल रही तस्वीरFuel Price Update: क्या बढ़ने वाले हैं पेट्रोल-डीजल के दाम? RBI गवर्नर के बयान से बढ़ी चिंताबढ़िया ग्रोथ के बाद Max Financial पर बुलिश हुए ब्रोकरेज, दिए ₹1,980 तक के टारगेट

AI बताएगा मॉनसून की चाल, IMD ने लॉन्च किया देश का पहला स्मार्ट पूर्वानुमान मॉडल

Advertisement

अब ब्लॉक स्तर तक चार हफ्ते पहले मिलेगा मॉनसून का अनुमान, किसानों को होगा बड़ा फायदा

Last Updated- May 13, 2026 | 9:32 AM IST
Weather: Monsoon
Representational Image

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मंगलवार को देश के पहले आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित मॉनसून अग्रिम पूर्वानुमान ढांचे (मॉडल) की शुरुआत की। यह मॉडल मॉनसून के आगमन का सटीक पूर्वानुमान हर बुधवार को चार सप्ताह पहले दे सकता है। जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम का पूर्वानुमान लगाना मुश्किल होता जा रहा है जिसे देखते हुए आईएमडी की यह पहल अहम मानी जा रही है।

इसके साथ ही मौसम विभाग ने राष्ट्रीय मध्यम श्रेणी मौसम पूर्वानुमान केंद्र (एनसीएमआरडब्ल्यूएफ) द्वारा तैयार एक प्रायोगिक परियोजना (पायलट प्रोजेक्ट) की भी शुरुआत की है। यह परियोजना उन्नत एआई प्रणाली का इस्तेमाल कर उत्तर प्रदेश के लिए एक किलोमीटर ग्रिड तक के उच्च स्थानिक रिजॉल्यूशन (छोटी से छोटी वस्तुओं को स्पष्ट रूप से देखने की क्षमता) वाले वर्षा पूर्वानुमान पर आधारित है।

ये दोनों मॉडल ऐसे समय में शुरू किए हैं जब 2026 के दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम रहने का अनुमान है। हालांकि, आईएमडी ने स्पष्ट किया है कि इन दोनों के बीच कोई संबंध नहीं है। मौसम विभाग ने कहा कि देश भर में अति-स्थानीय, प्रभाव-आधारित और एआई-संचालित मौसम सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से विकसित किए गए ये दोनों मॉडल कृषि मंत्रालय के मार्गदर्शन में तैयार किए गए हैं और इन्हें कृषि मंत्रालय द्वारा विकसित एपीआई और एग्रीस्टैक प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसानों तक पहुंचाया जाएगा।

पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने दो मॉडल शुरू करने के अवसर पर संवाददाताओं से कहा,‘प्रखंड (ब्लॉक) स्तर का मॉनसून के सक्रिय होने का पूर्वानुमान मॉडल मौजूदा संख्यात्मक मॉडलों को एआई के साथ जोड़कर मॉनसून की प्रगति का संभावित पूर्वानुमान प्रत्येक बुधवार को चार सप्ताह पहले तक देता है मगर इसमें चार दिनों का विचलन हो सकता है।’ अग्रिम प्रखंड स्तर पूर्वानुमान प्रणाली वर्तमान में 15 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में फैले 3196 प्रखंडों तक पहुंचेगी जो मुख्य रूप से देश के वर्षा आधारित क्षेत्रों में स्थित हैं।

Advertisement
First Published - May 13, 2026 | 9:32 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement