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Apple का नया दांव: भारत को बना रहा एयरपॉड्स का नया हब, चीन और वियतनाम की हिस्सेदारी घटी

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भारत में ऐपल एयरपॉड्स का उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है। पहली तिमाही में भारत की हिस्सेदारी चार प्रतिशत तक पहुंचने से चीन और वियतनाम का दबदबा घटा है

Last Updated- May 23, 2026 | 10:31 AM IST
AirPods
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

भारत ऐपल के एयरपॉड्स के वैश्विक उत्पादन में धीरे-धीरे अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रहा है। हालांकि वियतनाम इस मामले में सबसे आगे है और इसके बाद चीन का स्थान आता है, लेकिन इस साल इन दोनों ही देशों ने भारत के हाथों अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा गवांया है। 

स्मार्ट एनालिटिक्स ग्लोबल (सैग) के नवीनतम अनुमानों के अनुसार कैलेंडर वर्ष 2025 में एयरपॉड्स की वै​श्विक असेंबली में भारत की हिस्सेदारी केवल 1 प्र​तिशत थी और पिछले साल अप्रैल में ही यहां उत्पादन शुरू हुआ था। लेकिन अब उसने अपनी स्थिति मजबूत की है और कैलेंडर वर्ष 2026 की पहली तिमाही में 4 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल कर ली है। इसके परिणामस्वरूप सबसे ज्यादा हिस्सेदारी वाले वियतनाम का हिस्सा कैलेंडर वर्ष 2026 की पहली तिमाही में घटकर 62 प्रतिशत रह गया है, जो कैलेंडर वर्ष 2025 में 64 प्रतिशत था।

इसी तरह असेंबली में चीन की हिस्सेदारी कैलेंडर वर्ष 2025 में 35 प्रतिशत से घटकर कैलेंडर वर्ष 2026 की प​हली तिमाही में 34 प्रतिशत रह गई है। अलबत्ता ताइवान की कंपनी इस मामले में पहले ही तेजी से काम कर रही है। पिछले साल उसने एयरपॉड्स बनाने की अपनी क्षमता को दोगुना करके हर महीने 2,00,000 तक पहुंचाने की योजना पर काम किया।

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इसके लिए कुल 4,800 करोड़ रुपये का निवेश किया गया। इससे भारत में आंकड़ों को बढ़ाने में मदद मिली है। जाहिर है कि अन्य स्तर पर वियतनाम में एयरपॉड्स उत्पादन की हिस्सेदारी में तेजी से बढ़ोतरी देखी गई है। यह हिस्सेदारी कैलेंडर वर्ष 2024 के 51 प्रतिशत की तुलना में बढ़कर कैलेंडर वर्ष 2025 में 64 प्रतिशत हो गई।

इसी दौरान चीन की हिस्सेदारी कैलेंडर वर्ष 2024 में 49 प्रतिशत के साथ लगभग बराबरी पर रहने के बाद कैलेंडर वर्ष 2025 में घटकर 35 प्रतिशत रह गई। वियतनाम और चीन में इसकी वेंडर लक्सशेयर एयरपोड्स की एसेंबलिंग करती है। इसका मुख्यालय भी चीन में ही है। इसके विपरीत भारत में यह जिम्मेदारी फॉक्सकॉन को दी गई है। फॉक्सकॉन का संयंत्र हैदराबाद में है और यह भारत में आईफोन की भी सबसे बड़ी वेंडर है। हालांकि टाटा इले​क्ट्रॉनिक्स भी अब तेजी से आगे बढ़ रही है। 

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First Published - May 23, 2026 | 10:31 AM IST

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