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ऑटो इंडस्ट्री के लिए ऐतिहासिक जून! EV, CNG ने बढ़ाया बाजार का जोश; अब मॉनसून पर नजर

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Auto Retail Sales June 2026: जून में देश की कुल ऑटो रिटेल बिक्री 21.83% बढ़कर 25.57 लाख यूनिट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची।

Last Updated- July 06, 2026 | 11:42 AM IST
Auto sales
प्रतीकात्मक फोटो

Auto Retail Sales June 2026: भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए जून 2026 बेहद शानदार रहा। पैसेंजर व्हीकल्स (PVs), टू-व्हीलर्स, थ्री-व्हीलर्स और कमर्शियल व्हीकल्स समेत सभी प्रमुख कैटेगरी में खुदरा बिक्री ने जून महीने का अब तक का नया हाई बनाया। इंडस्ट्री से जुड़े जानकार मानते हैं कि पश्चिम एशिया में संघर्ष विराम, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और बेहतर सप्लाई ने बाजार को मजबूती दी है। हालांकि, आगे की मांग काफी हद तक मॉनसून, खरीफ बुवाई और ग्रामीण आय पर निर्भर करेगी।

फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (FADA) के मुताबिक, जून 2026 में देश में कुल ऑटो रिटेल बिक्री 21.83% बढ़कर 25,57,234 यूनिट रही। पिछले साल जून में यह आंकड़ा 20,98,996 यूनिट था।

जून में पैसेंजर व्हीकल (PV) की खुदरा बिक्री 28.63 फीसदी बढ़कर 4,10,853 यूनिट रही, जबकि जून 2025 में यह 3,19,412 यूनिट थी। टू-व्हीलर्स की बिक्री 21.22 फीसदी बढ़कर 18,28,458 यूनिट रही। एक साल पहले जून में यह 15,08,378 यूनिट थी। वहीं, पिछले महीने थ्री-व्हीलर की बिक्री 16.2 फीसदी बढ़कर 1,20,889 यूनिट रही, जबकि पिछले साल इसी महीने यह 1,04,035 यूनिट थी। कमर्शियल व्हीकल (CV) की खुदरा बिक्री देखें तो यह बीते महीने 16.88 फीसदी बढ़कर 90,972 यूनिट हो गई। जून 2025 में यह 77,836 यूनिट थी।

अब तक का ऐतिहासिक जून!

FADA के अध्यक्ष सी.एस. विग्नेश्वर ने कहा कि जून 2026 भारतीय ऑटो रिटेल इंडस्ट्री के लिए ऐतिहासिक महीना रहा। टू-व्हीलर्स, थ्री-व्हीलर्स, कमर्शियल व्हीकल्स, पैसेंजर व्हीकल्स और कुल रजिस्ट्रेशन, सभी ने जून महीने का अब तक का सबसे ऊंचा रिकॉर्ड बनाया है।

FADA के मुताबिक, जुलाई के लिए डीलर्स का रुख सकारात्मक बना हुआ है। 51.24 फीसदी डीलर्स को बिक्री बढ़ने की उम्मीद है। 41.79 फीसदी का मानना है कि बाजार स्थिर रहेगा। जबकि सिर्फ 6.97 फीसदी डीलर्स को गिरावट की आशंका है।

ये भी पढ़ें… Health Insurance Claim करते समय न करें ये गलती, वरना जेब से भरना पड़ सकता है लाखों का बिल

त्योहारी सीजन से पहले उम्मीदें बरकरार

फाडा ने कहा कि यह उम्मीद इस बात पर टिकी है कि मॉनसून बारिश की कमी पूरी करेगा, खरीफ बुवाई में तेजी आएगी और पश्चिम एशिया में संघर्षविराम तथा कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बाद सप्लाई सामान्य बनी रहेगी। जुलाई 2026 का आउटलुक सतर्कता के साथ सकारात्मक बना हुआ है। मॉनसून में सुधार और ग्रामीण क्षेत्रों में कैश फ्लो त्योहारी सीजन से पहले बाजार की दिशा तय करने वाले सबसे अहम कारक होंगे।

EV और CNG व्हीकल्स की मजबूत मांग  

डीलर्स एसोसिएशन के अनुसार, पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में EV और CNG मॉडल्स की मजबूत बुकिंग और नए लॉन्च से मांग बनी हुई है। वहीं, कमर्शियल व्हीकल्स की बिक्री माल ढुलाई और इन्फ्रास्ट्रक्चर गतिविधियों के दम पर स्थिर रहने की उम्मीद है।

टू-व्हीलर्स सेगमेंट में मानसून बेहतर रहने पर ग्रामीण मांग मजबूत हो सकती है। साथ ही EV और अधिक माइलेज वाले वाहनों की ओर बढ़ता रुझान बिक्री को सहारा देगा। हालांकि, जिन इलाकों में बारिश कम होगी और जुलाई में वाहन कंपनियों की कीमत बढ़ोतरी लागू होगी, वहां कुछ खरीदार फिलहाल इंतजार का रुख अपना सकते हैं।

FY27 की दूसरी तिमाही को लेकर बढ़ा भरोसा

FADA के अनुसार, जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही के लिए डीलर्स का भरोसा और मजबूत हुआ है। 66.17 फीसदी डीलर्स को बिक्री बढ़ने की उम्मीद है। सिर्फ 3.98 फीसदी डीलर्स को गिरावट की आशंका है।

इसके अलावा 38.31 फीसदी डीलर्स ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपने रिटेल बिक्री अनुमान को बढ़ाया है, जबकि केवल 16.42 फीसदी डीलर्स ने अपना अनुमान घटाया है। इससे संकेत मिलता है कि वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में दर्ज 15.35 फीसदी सालाना वृद्धि का असर त्योहारी सीजन तक जारी रह सकता है।

क्या हैं सबसे बड़े जोखिम?

हालांकि, FADA ने आगाह किया कि मॉनसून में कमी या अल-नीनो (El Nino) का असर ग्रामीण मांग पर पड़ सकता है। इसके अलावा वाहनों की कीमतों में और बढ़ोतरी तथा डीलर्स के पास बढ़ता स्टॉक भी आने वाले महीनों में उद्योग के लिए प्रमुख चुनौतियां रह सकते हैं।

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First Published - July 6, 2026 | 11:42 AM IST

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