एथर एनर्जी अब 1 लाख से 1.25 लाख रुपये की कीमत वाले इलेक्ट्रिक दोपहिया (ई-स्कूटर) बाजार में उतारने जा रही है। इसके लिए कंपनी अपना नया ईएल प्लेटफॉर्म अगस्त के अंत में पेश करेगी। भारत में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की कुल बिक्री में इस कीमत वाले सेगमेंट की हिस्सेदारी करीब 55-60 प्रतिशत है। अब तक एथर इस बड़े बाजार में मौजूद नहीं थी।
हालांकि कंपनी ने साफ कहा है कि वह 1 लाख रुपये से कम कीमत वाले इलेक्ट्रिक स्कूटर बाजार में तब तक नहीं उतरेगी, जब तक सरकार उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना का लाभ उसे भी नहीं देती। कंपनी का कहना है कि यह लाभ पारंपरिक वाहन कंपनियों को मिल रहा है लेकिन तकनीक-आधारित ऑटो स्टार्टअप को यह लाभ नहीं मिल रहा है।
बिज़नेस स्टैंडर्ड से बातचीत में एथर के संस्थापक तरुण मेहता ने कहा कि कंपनी के अनुमान के अनुसार, शीर्ष पांच कंपनियों के लिए 1 लाख रुपये से कम कीमत वाले इलेक्ट्रिक स्कूटरों का बाजार कुल ई-स्कूटर बाजार का 10 प्रतिशत से भी कम है। बाकी 90 प्रतिशत से अधिक बाजार 1 लाख रुपये से ऊपर के सेगमेंट में है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में लॉन्च किया गया एथर 450 मॉडल 1.5 लाख रुपये से अधिक कीमत का था। वर्ष 2024 में लॉन्च हुए रिज्ता की कीमत 1.25 लाख से 1.5 लाख रुपये के बीच रखी गई। अब नया ईएल मंच कंपनी को 1 लाख से 1.25 लाख रुपये के बीच की कीमत वाला नया स्कूटर लॉन्च करने में मदद करेगा, जिसका इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री में 55-60 फीसदी का योगदान होगा।
1 लाख रुपये से कम कीमत वाले स्कूटरों पर मेहता ने कहा कि पीएलआई योजना के तहत पारंपरिक कंपनियों को 14-16 प्रतिशत तक का वित्तीय लाभ मिलता है। अगर एथर को भी यही प्रोत्साहन मिले तब कंपनी अपने आने वाले स्कूटरों की कीमत 1 लाख रुपये से कम रख सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि पीएलआई का लाभ मिलने के बावजूद पारंपरिक कंपनियां कम कीमत वाले इलेक्ट्रिक स्कूटरों पर ज्यादा ध्यान नहीं दे रही हैं, क्योंकि उसी कीमत में वे पेट्रोल इंजन दोपहिया वाहनों को बेचकर अधिक मुनाफा कमाती हैं। इसी कारण 1 लाख रुपये से कम कीमत वाले इलेक्ट्रिक स्कूटरों का बाजार लगातार छोटा होता जा रहा है। कंपनी ने माना कि फिलहाल उसके इलेक्ट्रिक स्कूटरों की मांग उत्पादन क्षमता से कहीं ज्यादा है।