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डिजिटल बाजारों में अनियंत्रित दबदबा चिंता का विषय: सीसीआई प्रमुख

PTI

- July,29 2021 10:03 PM IST

29 जुलाई (भाषा) भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के चेयरमैन अशोक कुमार गुप्ता ने बृहस्पतिवार को कहा कि डिजिटल बाजार तकनीकी नवोन्मेष के केंद्र हैं

उन्होंने यह भी कहा कि बाजार बिगाड़ने वाली ऐसी प्रौद्योगिकियों पर प्रतिस्पर्धा कानून का उपयोग एक चुनौती बन गया है।

गुप्ता ने कहा कि पूर्व में यह दलील दी जाती थी कि प्रौद्योगिकी बाजारों में बाजार शक्ति (किसी एक इकाई के हाथ में आना) दुर्लभ और अस्थायी है। हालांकि, अब यह देखा गया है कि इन बाजारों में दबदबा कमजोर नहीं बल्क टिकाऊ रहता है।

सेंटर फॉर डिजिटल फ्यूचर द्वारा आयोजित कार्यक्रम में गुप्ता ने कहा कि भारत में बड़े बाजार के साथ स्टार्टअप को लेकर एक अनुकूल और सक्रिय परिवेश है। पिछली तिमाही में प्रौद्योगिकी से जुड़े स्टार्टअप में 6.3 अरब डॉलर का वित्त पोषण हुआ।

उन्होंने कहा, ‘‘इसमें कोई संदेह नहीं है कि डिजिटल बाजार तकनीकी नवोन्मेष के केंद्र हैं, लेकिन वे ‘गलत तरीके से चीजों को हासिल करने और अनियंत्रित प्रभुत्व’ के क्षेत्र बन गये हैं। अधिक केंद्रीकरण कुछ विशेषताओं की उपस्थिति का परिणाम है जो डिजिटल खंड में बाजार में ताकत को खास तरह से टिकाऊ बनाती है।’’

सीसीआई प्रमुख ने इसे स्पष्ट करते हुए कहा कि नेटवर्क प्रभाव जैसी विशेषताएं बाजार में नई कंपनियों को आने और पहले से स्थापित इकाई को हटाने से रोक सकती हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘बाजार को प्रतिस्पर्धा निरोधक उपायों से होने वाले नुकसान से बचाने के लिये प्रतिस्पर्धी रोधी जांच और संबंधित उपायों को यथाशीघ्र लागू करना महत्वपूर्ण है।’’

गुप्ता ने डिजिटल बाजारों में विलय के संदर्भ में समस्याओं का भी जिक्र किया।

इस क्षेत्र में विभिन्न चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए सीसीआई ने प्राथमिकताएं निर्धारित की हैं और ऑनलाइन मंचों के खिलाफ जांच को तेज किया है।

भाषा

रमण मनोहर

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