राजनीति

ममता बनर्जी का बड़ा ऐलान: मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए विपक्ष के प्रस्ताव का करेंगी समर्थन

मुख्यमंत्री ने कहा कि हालांकि विपक्ष के पास संसद में ऐसा प्रस्ताव पारित कराने के लिए आवश्यक संख्या बल नहीं है, फिर भी इसे रिकॉर्ड में दर्ज कराने का प्रयास किया जाएगा

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अर्चिस मोहन   
Last Updated- February 03, 2026 | 11:11 PM IST

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कहा कि वह और उनकी पार्टी के सांसद, कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त विपक्ष द्वारा भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) को पद से हटाने के लिए किसी भी प्रस्ताव का समर्थन करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हालांकि विपक्ष के पास संसद में ऐसा प्रस्ताव पारित कराने के लिए आवश्यक संख्या बल नहीं है, फिर भी इसे रिकॉर्ड में दर्ज कराने का प्रयास किया जाएगा।

बनर्जी ने मंगलवार शाम को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) के पीड़ितों को अपना बचाव करने का अवसर नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने विपक्षी दलों के शासन वाले राज्यों में विधान सभा चुनावों से ठीक पहले एसआईआर कराने के सरकार के इरादे पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि असम में तो ऐसा नहीं किया जा रहा है, जहां भाजपा सत्ता में है।

बनर्जी एसआईआर प्रक्रिया के बंगाल से आए कथित पीड़ितों के साथ राष्ट्रीय राजधानी आई थीं। मीडिया को संबोधित करते समय ये लोग मुख्यमंत्री के पीछे बैठे थे। सोमवार को बनर्जी और उनकी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस के अन्य नेताओं ने एसआईआर मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की थी, लेकिन बनर्जी बाद में विरोध जताते हुए बैठक से बाहर चली गईं। उन्होंने दावा किया कि उनके प्रतिनिधिमंडल का अपमान हुआ है। उन्होंने चुनाव आयोग पर भाजपा के इशारे पर काम करने का भी आरोप लगाया।

जब उनसे पूछा गया कि क्या वह लोक सभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के उस बयान का समर्थन करती हैं कि केंद्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार चुनाव आयुक्तों को प्रतिरक्षा प्रदान करने वाले कानून में पुरानी तिथि से संशोधन लाएगी, तो बनर्जी ने हां में जवाब दिया।

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी और वह किसी भी ऐसे कदम का समर्थन करेगी जो ‘वास्तविक, व्यावहारिक और जनहित में’ होगा।

First Published : February 3, 2026 | 11:11 PM IST