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उप्र को मिलेगी विश्व बैंक की माया

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Last Updated- December 07, 2022 | 12:05 AM IST

उत्तर प्रदेश सरकार को जल्द ही विश्व बैंक से 16,000 करोड़ रुपये का कर्ज मिलने की उम्मीद है। यह कर्ज सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए दिया जाएगा।


‘यूपी विकास नीति ऋण’ के नाम से दिए जाने वाले इस ऋण को लेकर फिलहाल राज्य सरकार और विश्व बैंक बातचीत की प्रक्रिया में हैं। यह उम्मीद की जा रही है कि राज्य सरकार को चालू वित्त वर्ष के दौरान ही विश्व बैंक से ऋण मिल जाएगा।

विश्व बैंक से मिलने वाली ऋण से राज्य सरकार को पुराने महंगे ऋणों से निजात पाने में मदद मिलेगी और सरकार के ऊपर पड़ने वाले 700 करोड़ रुपये की वार्षिक ब्याज भार में भी कमी आएगी।

अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक विश्व बैंक से मिलने वाली ऋण का मुख्य उद्देश्य पुराने उच्च दर वाली राष्ट्रीय लघु बचत फंड ऋण, जो मार्च 2008 के अंत तक करीब 15,250 करोड़ रुपये अनुमानित थी, से निजात पाना है। बहरहाल अब राज्य सरकार सस्ते ऋण के जरिए अपेक्षाकृत महंगे ऋण को दरकिनार करने में सक्षम हो सकेगी।
विश्व बैंक से मिलने वाले ऋण के बाद यूपी सरकार को सालाना 700 करोड़ रुपये की बचत संभव होगी।

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार 10 फीसदी की दर पर लघु बचत फंड ऋण को ब्याज अदा करती है जबकि यह उम्मीद की जा रही है कि विश्व बैंक से मिलने वाले ऋण पर सरकार को 6 फीसदी की दर से ही ब्याज देना होगा। एक आंकड़े के मुताबिक राज्य सरकार ब्याज दरों के भुगतान के लिए सालाना 12,000 करोड़ रुपये का भुगतान करती है।

यह भी अनुमानित है कि बीते 31 मार्च 2008 तक राज्य सरकार के ऊपर कुल ऋण का भार 1,25,000 करोड़ रुपये था। बहरहाल केंद्र सरकार ने इस बाबत प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है और ऋण को लेकर राज्य सरकार और विश्व बैंक के बीच चलने वाली बातचीत निर्णायक दौर में है।

अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, ‘इस मामले में बातचीत के लिए विश्व बैंक की टीम 14 मई को राज्य में मौजूद थी और यह उम्मीद जताई जा रही है कि सितंबर महीने के अंत तक वाशिंगटन में बोर्ड ऑफ बैंक के समक्ष ऋण को प्रस्तावित किया जाएगा। बहरहाल राज्य सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में ऋण सुधार के लिए अपनाए गए उपायों पर विश्व बैंक की टीम परीक्षण कर रही हैं।’

इन सुधारों के दायरे में वित्तीय सुधार शामिल हैं। इसके तहत वित्तीय सुदृढ़ीकरण, वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता पर जोर दिया जाएगा। इसके अलावा सरकारी वित्त प्रबंधन में सुधार लाने और उसे मजबूत बनाने पर भी जोर होगा। सरकारी और लोक सेवा सुधारों में सूचना का अधिकार कानून (आरटीआई) प्रभावी ढ़ंग से लागू करना, जिलों में आईएएस और आईपीएस का निश्चित कार्यकाल और भ्रष्टाचार निरोधक उपायों को लागू करना शामिल है।

कठिन बहुत है डगर कर्ज की

उत्तर प्रदेश को जल्द ही विश्व बैंक से 16,000 करोड़ रुपये का कर्र्ज मिलने की उम्मीद है।
यह कर्र्ज सुधारों को आगे बढ़ाने के एवज में दिया जाएगा।
करार के तहत सरकार को वित्तीय अनुशासन पर जोर देना होगा।

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First Published - May 19, 2008 | 11:21 PM IST

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