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आतंकी हमले ने फेर दिया उम्मीदों पर पानी

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Last Updated- December 10, 2022 | 7:04 PM IST

मंदी के इस दौर में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) से उम्मीद पाले बैठे क्रिकेट साजो-सामान के कारोबारियों का उत्साह ठंडा होता दिख रहा है।
जालंधर से लेकर मेरठ तक के खेल कारोबारियों को आईपीएल के दौरान कारोबार में 5 फीसदी तक की बढ़ोतरी की उम्मीद थी जो फिलहाल टलता नजर आ रहा है।
गत मंगलवार को लाहौर में श्रीलंका की क्रिकेट टीम पर आतंकी हमले के बाद आईपीएल के दौरान सुरक्षा पर सवाल खड़ा हो गया है।
10 अप्रैल से आईपीएल की शुरुआत होने वाली है और 16 अप्रैल से चुनाव का दौर। लिहाजा आईपीएल के सुरक्षा इंतजाम में कोई कसर न रह जाए, इसलिए सरकार इसकी तारीख आगे बढ़ाने पर विचार कर रही है। पिछले साल आईपीएल के दौरान क्रिकेट के सामान की बिक्री में 10 फीसदी तक का इजाफा दर्ज किया गया था।
मेरठ स्थित बीडीएम ब्रांड के एमडी सुधीर महाजन कहते हैं, ‘आईपीएल के दौरान कॉरपोरेट कंपनियां अपने प्रचार के लिए 12 इंच के बल्ले दर्शकों के बीच हजारों की संख्या में बांटती हैं। और इस बार भी उसके ऑर्डर काफी मात्रा में मिल रहे थे, अगर मैच टलता है तो वे ऑर्डर भी रद्द हो जाएंगे। इससे करोड़ों रुपये के ऑर्डर आने की संभावना बनी थी।’
12 इंच वाले छोटे बैट की कीमत 70-100 रुपये के बीच होती है। खेल कारोबारियों के मुताबिक इन दिनों बाहर के देशों से खासकर अमेरिका व कनाडा से कोई मांग नहीं है। यूरोप भी ठंडा पड़ा है। वेस्टइंडीज से ही क्रिकेट सामान की मांग निकल रही है। कुल मिलाकर क्रिकेट का निर्यात बाजार 20 फीसदी तक गिर चुका है।
एक अनुमान के मुताबिक भारत में क्रिकेट सामान का सालाना कारोबार 2000 करोड़ रुपये का होता है इनमें 600-700 करोड़ रुपये का निर्यात कारोबार शामिल है। जालंधर स्थित खेल उद्योग संघ के पदाधिकारी रवींद्र दीप कहते हैं, ‘आईपीएल का टलना निश्चित रूप से खेल उद्योग के लिए धक्का है। फिलहाल इस लीग से एक उम्मीद जगी थी, जो कि धूमिल होती नजर आ रही है।’
वे कहते हैं कि पाकिस्तान में बिगड़ते माहौल से भी उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है। उन्होंने  बताया कि पाकिस्तान एवं भारत के बीच चाहे मैच कही भी हो, उनके कारोबार में 15 फीसदी से अधिक का इजाफा हो जाता है। मौजूदा हालात में इन दोनों देश के बीच मैच की कोई संभावना दूर-दूर तक नजर नहीं आ रही है।
हालांकि जालंधर के ही क्रिकेट सामान निर्यातक सुरजीत सिंह जौली कहते हैं कि इस बार आईपीएल से कारोबारियों को सिर्फ उत्साह ही मिलता क्योंकि चुनाव के कारण और गर्मी बढ़ने से कारोबार में कोई खास बढ़ोतरी की उम्मीद नहीं थी। महाजन कहते हैं कि अगर आईपीएल की तारीख अक्टूबर तक के लिए टल जाती है तो क्रिकेट खेल कारोबार को इससे दोगुना फायदा होगा।

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First Published - March 5, 2009 | 5:44 PM IST

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