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जुलाई में ज्यादा बारिश का असर, खरीफ रकबा में कमी घटकर 3% से भी कम

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चालू खरीफ सीजन में 31 जुलाई तक खरीफ फसलों की कुल बोआई 2.88 फीसदी घटकर 894.22 लाख हेक्टेयर रह गई। हालांकि तिलहन रकबा 0.69% बढ़ा।

Last Updated- August 03, 2026 | 3:01 PM IST
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सामान्य के 80% के करीब पहुंचा खरीफ फसलों का रकबा ।

जुलाई में अच्छी बारिश के कारण खरीफ फसलों की बोआई ने भी रफ्तार पकड़ ली। बीते एक माह से इन फसलों के रकबा में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है। अब इनके रकबा में कमी तेजी से घटकर 31 जुलाई को समाप्त सप्ताह तक 3 फीसदी से कम रह गई, जुलाई महीने के पहले सप्ताह तक यह कमी करीब 21 फीसदी थी। इससे पहले वाले सप्ताह में यह कमी करीब 5 फीसदी थी। जुलाई में सामान्य की तुलना में एक फीसदी ज्यादा बारिश हुई थी। हालांकि भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगस्त और सितंबर में सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान लगाया है, जो खरीफ फसलों की आगे की बोआई और प्रगति के लिए चिंताजनक है। 

खरीफ रकबा सामान्य के 80% पहुंचा

केंद्रीय कृषि व किसान कल्याण मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक चालू खरीफ सीजन में 31 जुलाई तक खरीफ फसलों की कुल बोआई 2.88 फीसदी घटकर 894.22 लाख हेक्टेयर रह गई। इससे पहले वाले पहले सप्ताह में यह कमी करीब 5 फीसदी थी, जबकि जुलाई के पहले सप्ताह में यह करीब 21 फीसदी कम थी। इस तरह महीने भर में खरीफ फसलों के रकबा में जबरदस्त सुधार हुआ है। खरीफ फसलों का सामान्य रकबा 1,104.22 लाख हेक्टेयर है। इस तरह अब खरीफ फसलों का रकबा सामान्य के 80 फीसदी हिस्से को पार कर गया है।  

धान का रकबा 2.24 % घटा

धान का रकबा अब पहले से सुधर गया है। 31 जुलाई तक धान का रकबा 2.24 फीसदी घटकर 301.49 लाख हेक्टेयर रह गया। 24 जुलाई तक यह कमी 2.57 फीसदी थी। कपास के रकबा में भी सुधार देखने को मिला है। 31 जुलाई तक इसकी बोआई 2.38 फीसदी घटकर 103.54 लाख हेक्टेयर दर्ज की गई। इससे पहले वाले सप्ताह में इसके रकबा में 3.89 फीसदी कमी आई थी।  इस दौरान गन्ने का रकबा 1.50 फीसदी बढ़कर 57.58 लाख हेक्टेयर हो गया।

तिलहन फसलों का रकबा बढ़ा

तिलहन फसलों की बोआई खूब हो रही है। अब तक पिछड़ने वाले तिलहन के रकबा में चालू  खरीफ सीजन में पहली बार वृद्धि देखने को मिली। 31 जुलाई तक तिलहन फसलों की बोआई 0.69 फीसदी बढ़कर 172.32 लाख हेक्टेयर हो गई, जबकि 24 जुलाई तक इनके रकबा में 2.77 फीसदी कमी आई थी। मूंगफली का रकबा 2.76 फीसदी बढ़कर 43.06 लाख हेक्टेयर, तिल का 13.42 फीसदी बढ़कर 9.27 लाख हेक्टेयर हो गया। हालांकि इस सीजन की सबसे बड़ी तिलहन फसल सोयाबीन का रकबा महज 0.71 फीसदी घटकर 117.68 लाख रह गया।

दलहन फसलों की बोआई भी सुधरी 

दलहन फसलों की बोआई भी तेजी से सुधर रही है। 31 जुलाई तक इन फसलों का रकबा 6.31 फीसदी घटकर 95.18 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया, जबकि इससे पहले वाले सप्ताह में इनकी बोआई 7.54 फीसदी कम थी। अरहर का रकबा 9.18 फीसदी घटकर 38.44 लाख हेक्टेयर, मूंग का 9.33 फीसदी घटकर 29.32 लाख हेक्टेयर रह गया, वहीं उड़द का रकबा 10.68 फीसदी बढ़कर 21.08 लाख हेक्टेयर हो गया।

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मोटे अनाजों का रकबा 7.52 % घटा

सरकारी आंकड़ों के अनुसार चालू खरीफ सीजन में 31 जुलाई तक मोटे अनाजों का रकबा 7.52 फीसदी घटकर 157.77 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया। हालांकि इससे पहले वाले सप्ताह में यह कमी करीब 12 फीसदी थी। इन अनाजों में बाजरा की बोआई 6.82 फीसदी घटकर 57.44 लाख हेक्टेयर और मक्का की 7.31 फीसदी फीसदी घटकर 83.56 लाख हेक्टेयर रह गई।

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First Published - August 3, 2026 | 3:01 PM IST

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