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अब पश्चिम बंगाल में अर्बन हाट एवं एक्सपोर्ट मार्ट

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Last Updated- December 07, 2022 | 10:47 PM IST


पश्चिम बंगाल सरकार का ‘सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम और वस्त्र विभाग’ (एमएसएमएसईटीडी) 2011 में तीन अर्बन हाट और एक एक्सपोर्ट मार्ट की स्थापना करेगा। राज्य में इन पार्कों का निर्माण शांतिनिकेतन, साल्ट लेक और दुर्गापुर में और एक्सपोर्ट मार्ट का निर्माण राजरहाट में किया जाएगा।


एमएसएमएसईटीडी के संयुक्त निदेशक एस. सी. पांजा ने बताया, ‘हम एक एक्सपोर्ट मार्ट और दिल्ली हाट की तर्ज पर तीन अर्बन हाट्स तैयार करने जा रहे हैं जहां कारीगर पूरे साल अपने उत्पादों की बिक्री कर सकेंगे। इनमें एक फूड पार्क भी होगा और कारीगरों को अस्थायी रूप से रहने के लिए जगह भी मुहैया कराई जाएगी। इसके लिए कारीगरों को मामूली मासिक शुल्क चुकाना होगा। ये परियोजनाएं अगले डेढ़ साल में पूरी हो जाएंगी।’


शांतिनिकेतन में पार्क के लिए 4 एकड़ की भूमि की खरीद की जाएगी, जिस पर 4 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह भूमि शांतिनिकेतन विकास प्राधिकरण (एसडीए) की है। दुर्गापुर और साल्ट लेक की परियोजना के लिए क्रमशः 5 एकड़ और 3 एकड़ भूमि की जरूरत होगी जिसके लिए प्रत्येक पर 4 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।


पांजा ने कहा कि तीनों पार्कों के लिए आंशिक तौर पर वित्त पोषण केंद्र सरकार की ओर से किया जाएगा। केंद्र सरकार इन पार्कों के लिए दोदो करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता महैया कराएगी। एक्सपोर्ट मार्ट के लिए 15 करोड़ रुपये के निवेश की जरूरत होगी। यह मार्ट निर्यातकों को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने में सक्षम बनाएगा। उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र में तकरीबन 1.5 लाख कारीगरों को प्रशिक्षित किए जाने और उनके कौशल को और प्रभावी बनाए जाने की जरूरत है। सरकार इन कारीगरों को प्रशिक्षित करने और उत्पादों की मार्केटिंग के बारे में उन्हें जागरूक बनाने के लिए डिस्ट्रिक्ट इंडस्ट्रियल सेंटर्स के जरिये प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित कर रही है। पिछले साल के 7 करोड़ रुपये के मुकाबले हस्तशिल्प क्षेत्र के लिए इस साल 17 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए।

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First Published - October 5, 2008 | 8:50 PM IST

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