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पांच कंपनियों के नाम छांटे गए

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Last Updated- December 07, 2022 | 1:05 AM IST

उत्तराखंड सरकार ने पिथौरागढ़ हवाई अड्डे के विकास के लिए पांच कंपनियों के अभिरूचि पत्रों को छांटा है।


उत्तराखंड सरकार की योजना कुमाऊं क्षेत्र में बसे इस शहर में हवाई अड्डे को विकसित करने की है। इसके अलावा सरकार की राज्य के सभी जिलों में हैलीपैड विकसित करने की भी योजना है।

राज्य के नागरिक उड्डयन सचिव पी सी शर्मा ने कहा है कि पिथौरागढ़ हवाई अड्डे को विकसित करने के लिए हमने पांच कंपनियों की पहचान की है। उनका कहना है कि इन कंपनियों को कहा गया है कि ये अगले एक महीने के भीतर अपनी तकनीकी और वित्तीय बोलियां सरकार को भेज दें। शर्मा का कहना है कि सरकार ने इस हवाई अड्डे को विकसित करने के लिए 30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

शुरूआत में वित्त मंत्रालय ने अभिरूचि पत्रों को आमंत्रित करने पर सवाल उठाया था। मंत्रालय ने नागरिक उड्डयन विभाग को सुझाव दिया था कि पिथौरागढ़ हवाई अड्डे के विकास के लिए विभाग को सार्वजनिक-निजी भागीदारी के जरिये काम करना चाहिए।

लेकिन एक उच्च स्तरीय समिति की बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया कि किसी भी कंपनी ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी परियोजना में रूचि नहीं दिखाई है। इस समिति का मानना था कि इसके लिए केवल अभिरूचि पत्र ही एकमात्र विकल्प है।

कुमाऊं क्षेत्र में पिथौरागढ़ हवाई अड्डे के विकास के लिए पिछले साल सरकार को 12 अभिरूचि पत्र प्राप्त हुए। उत्तराखंड की कंपनियों के अलावा मुंबई के अटलांटा समूह ने भी इस परियोजना में रूचि दिखाई है।

हालांकि शर्मा ने उन कंपनियों का नाम नहीं बताया है जिनको इस परियोजना के लिए छांटा गया है। सरकार ने अभी तक पिथौरागढ़ हवाई अड्डे के लिए जमीन अधिग्रहण करने में 22 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। पिथौरागढ़ हवाई अड्डे को 48 से 72 सीटों वाले विमान के परिचालन के लिए विकसित किया जा रहा है।

हवाई अड्डे को विकसित करने की कड़ी में 4800 मीटर लंबा गलियारा बनाया जाएगा। एक अलग टर्मिनल भी बनाया जाएगा। इसके अलावा सरकार की योजना चमोली और उत्तरकाशी जिलों में हवाई पट्टी को भी उन्नत करने की भी है। अपनी भौगोलिक स्थितियों की वजह से इन पट्टियों पर 20 से 50 सीटों वाले विमानों का परिचालन करना भी मुश्किल है। राज्य के 13 जिलों में हैलीपैड बनाने का काम भी अभी दूर की कौड़ी नजर आ रहा है।

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First Published - May 23, 2008 | 11:03 PM IST

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