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Trump Tariffs का असर: भारत का कच्चा तेल आयात जुलाई 2025 में 8.7% गिरा, रूस पर निर्भरता से गहराया संकट

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जुलाई 2025 में भारत का कच्चा तेल आयात 8.7% घटा, अमेरिकी टैरिफ और रूसी तेल पर निर्भरता से मांग पर दबाव बढ़ा और कुल ईंधन खपत भी घटकर 19.43 मिलियन टन रही।

Last Updated- August 25, 2025 | 8:32 PM IST
Oil Supply
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

भारत के कच्चे तेल के आयात में जुलाई 2025 में भारी गिरावट दर्ज की गई। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस महीने में भारत ने 18.56 मिलियन टन कच्चा तेल आयात किया, जो जून की तुलना में 8.7% कम है। यह फरवरी 2024 के बाद का सबसे निचला स्तर है। दुनिया के तीसरे सबसे बड़े तेल आयातक और उपभोक्ता देश के लिए यह आंकड़ा तेल की मांग का अहम संकेत माना जाता है।

पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) के डेटा के अनुसार, पिछले साल जुलाई 2024 में 19.40 मिलियन टन की तुलना में इस साल जुलाई में कच्चे तेल का आयात 4.3% कम रहा। इसके अलावा, तेल उत्पादों का आयात भी पिछले साल की तुलना में 12.8% घटकर 4.31 मिलियन टन पर आ गया। वहीं, तेल उत्पादों का निर्यात 2.1% की मामूली गिरावट के साथ 5.02 मिलियन टन रहा। तेल मंत्रालय के आंकड़ों से यह भी पता चला कि जुलाई में भारत का कुल ईंधन खपत 19.43 मिलियन टन रहा, जो पिछले महीने की तुलना में 4.3% कम है।

Also Read: ट्रंप की भारत को नई चेतावनी: रूस से कच्चा तेल खरीदना बंद करो, नहीं तो लगाएंगे बेतहाशा टैरिफ

अमेरिकी टैरिफ और रूसी तेल पर निर्भरता

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के तेल आयात में कमी की एक वजह अमेरिका द्वारा लगाए जा रहे अतिरिक्त टैरिफ को माना जा रहा है। 27 अगस्त से भारत से आने वाले सामानों पर अमेरिका 50% तक अतिरिक्त टैरिफ लगाने जा रहा है। यह टैरिफ भारत के रूसी तेल खरीदने की वजह से लगाए जा रहे हैं। अमेरिका ने पहले ही भारत से आने वाली शिपमेंट पर 25% टैरिफ लगा रखा है, जो कई अन्य बड़े व्यापारिक साझेदारों की तुलना में ज्यादा है। UBS के कमोडिटी एनालिस्ट जियोवानी स्टोनोवो का कहना है कि रूसी तेल खरीद पर अमेरिकी टैरिफ की धमकी ने जुलाई में भारत के तेल आयात पर असर डाला।

हालांकि, भारत के सरकारी रिफाइनरी इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम ने सितंबर और अक्टूबर के लिए रूसी तेल की खरीद फिर से शुरू की है, क्योंकि रूस ने डिस्काउंट बढ़ा दिया है। दूसरी ओर, रूस समर्थित भारतीय रिफाइनरी नायरा एनर्जी, जो यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों का सामना कर रही है, तेल आयात और रिफाइंड ईंधन की ढुलाई के लिए डार्क फ्लीट पर निर्भर है। इस बीच, भारत के व्यापार मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत अमेरिका के साथ भविष्य के व्यापारिक रिश्तों को खुले दिमाग से देखेगा।

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First Published - August 25, 2025 | 5:05 PM IST

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