facebookmetapixel
Advertisement
MTF से खरीदते हैं शेयर? मार्जिन कॉल और फोर्स्ड सेलिंग से बढ़ सकती है मुश्किलेंकच्चे तेल की कीमतों और पश्चिम एशिया तनाव से तय होगी इस हफ्ते बाजार की चाल, इन आंकड़ों पर रखें नजरFinancial Freedom: आखिर कितनी कमाई और बचत के बाद आप नौकरी की मजबूरी से बाहर निकल सकते हैं?चांदी के आभूषणों की शुद्धता जांचना अब होगा और आसान, BIS दो साल में बढ़ाएगा हॉलमार्किंग नेटवर्कभारतीय शेयर बाजार में लौटा विदेशी निवेशकों का भरोसा, अगस्त के पहले हफ्ते में ₹12,921 करोड़ का निवेशMCap: शेयर बाजार में उछाल से चार कंपनियों का मार्केट कैप 1.43 लाख करोड़ बढ़ा, SBI रहा टॉप गेनरदिल्ली में 14 अगस्त तक लगातार जारी रहेगा बारिश का दौर, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्टआम यूजर्स के लिए UPI लेनदेन पूरी तरह रहेगा फ्री, MDR चार्जेस की खबरों को सरकार ने किया खारिजPM मोदी ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से की बात, भारत-अमेरिका व्यापार व अन्य मुद्दों पर हुई चर्चाफ्लिपकार्ट मिनट्स की गॉरमे सेगमेंट में एंट्री, प्राइवेट लेबल ‘Pykd’ के साथ बेचेगी प्रीमियम सामान

ब्लैक फंगस के बढ़ रहे मामले

Advertisement
Last Updated- December 12, 2022 | 4:36 AM IST

उत्तर प्रदेश में कोरोना के संक्रमितों की संख्या में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है लेकिन ब्लैक फंगस के मरीजों की तादाद बढ़ती जा रही है। ब्लैक फंगस के सिर्फ शहरों के ही आंकड़े सामने आए हैं जिसके मुताबिक विभिन्न अस्पतालों में 400 से ज्यादा मरीज भर्ती कराए जा चुके हैं तथा दो दर्जन से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। ब्लैक फंगस के सबसे ज्यादा मरीज लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज और मेरठ में मिले हैं। वाराणसी स्थित बीएचयू में इलाजरत एक महिला की गुरुवार को मौत हो गई। वाराणसी जिले में अब तक इस बीमारी के 33 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को महामारी पर रोकथाम के लिए बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में ब्लैक फंगस के उपचार की दवा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मरीजों को समुचित स्वास्थ्य उपचार दिया जाए। योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केंद्र सरकार को पत्र भेजकर दवाओं का आवंटन बढ़ाने का अनुरोध किया जाए।  
महाराष्ट्र में ब्लैक फंगस मुख्य चिंता
महाराष्ट्र सरकार की सबसे बड़ी चिंता इस समय ब्लैक फंगस की है। राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को अपनी चिंता से अवगत करते हुए मदद की गुहार लगाई है। इस बीमारी से अभी तक राज्य में 90 लोगों की मौत हो चुकी है।
स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने प्रधानमंत्री से कहा कि राज्य सरकार को इसके उपचार के लिए अधिक मात्रा में दवाओं की जरूरत है। टोपे ने कहा कि कोविड-19 के मामलों में कमी आने से रेमडेसिविर जैसी दवाओं और ऑक्सीजन की आवश्यकता स्थिर हुई है लेकिन ब्लैक फंगस चिंता का प्रमुख विषय बना हुआ है।

Advertisement
First Published - May 20, 2021 | 11:16 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement